Category : संपादकीय
गोलियां किसी की सगी नही है
विडंबना देखिए..कुछ साल पहले सड़क पर होने वाले कथित इंसाफ का उत्सव.."सीरिया,कांगों,सूडान,इराक,पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों में...
व्यवस्था के खिलाफ क्यों जाते है व्यवस्था बनाए रखने...
व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वाले शहीद सैनिक मंगल पांडे हमारे हीरो हो सकते है,तो तेज बहादुर और मनोज कुमार क्यों नहीं.. "नितिन सिन्हा"

