जनजातीय युवाओं को मिलेगा रोजगार के अवसर

जनजातीय युवाओं को मिलेगा रोजगार के अवसर

राउरकेला में जनजातीय युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर, LBI केंद्र के विस्तार के लिए त्रिपक्षीय समझौता - यह कार्यक्रम केंद्र भारत सरकार के तीन मंत्रालयों और उनसे संबद्ध सार्वजनिक उपक्रमों के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी), इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) का राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) शामिल हैं।

तीनों संस्थाओं की अलग-अलग जिम्मेदारी

समझौते के तहत तीनों भागीदार संस्थाएं केंद्र के संचालन और विस्तार में अपनी निर्धारित भूमिका निभाएंगी। सेल के राउरकेला इस्पात संयंत्र की ओर से केंद्र के लिए भूमि और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, एमएसएमई मंत्रालय के अंतर्गत एनएसआईसी अपनी ‘एस्पायर’ (ASPIRE) योजना के माध्यम से संयंत्र एवं मशीनरी की स्थापना और तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था में योगदान देगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत एनएसटीएफडीसी अनुदान के माध्यम से केंद्र के आवर्ती खर्चों के वहन में सहयोग करेगा। इस समन्वित व्यवस्था से प्रशिक्षण गतिविधियों को निरंतर जारी रखने और स्थानीय युवाओं तक कौशल विकास के अवसर पहुंचाने में मदद मिलेगी।

छह प्रमुख क्षेत्रों में दिया जा रहा प्रशिक्षण

वर्ष 2018 में स्थापित इस केंद्र को जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है। यहां अनुसूचित जनजाति के युवाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय स्थापित करने के लिए विभिन्न व्यावहारिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान वर्ष में संचालित प्रमुख प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में सहायक ब्यूटीशियन, स्व-नियोजित दर्जी, टैली एवं अकाउंटिंग सहित सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक इलेक्ट्रिशियन, ब्रेड एवं बेकरी निर्माण और मशरूम की खेती शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को केवल तकनीकी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे व्यावहारिक कौशल से लैस करना भी है, जिनके माध्यम से वे स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त कर सकें या अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।

केंद्र में पूर्व में वेल्डिंग तकनीक, फर्नीचर निर्माण, सोया दूध निष्कर्षण और टोफू पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप स्वरोजगार के विकल्प विकसित करने पर जोर दिया गया है।

600 से अधिक युवा हो चुके हैं प्रशिक्षित- राउरकेला का एलबीआई केंद्र अब तक 600 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देकर लाभान्वित कर चुका है। केंद्र से प्रशिक्षित कई युवाओं ने बेकरी, मशरूम उत्पादन, ब्यूटी पार्लर और टेलरिंग जैसे क्षेत्रों में अपने उद्यम स्थापित किए हैं।

यह पहल जनजातीय युवाओं को पारंपरिक रोजगार विकल्पों से आगे बढ़कर नए व्यवसायों की संभावनाओं से जोड़ने में सहायक बन रही है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में व्यावसायिक दक्षता विकसित करने के साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्रालय, एनएसटीएफडीसी, सेल-राउरकेला इस्पात संयंत्र और एनएसआईसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं एनएसटीएफडीसी की ओर से संयुक्त सचिव और एनएसटीएफडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री टी. रौमुआन पाइते, कंपनी सचिव श्री कुंज बिहारी, एजीएम-प्रोजेक्ट्स एवं सीएसआर श्रीमती बिस्मिता दास तथा पूर्वी क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक श्री सुनील कुमार साहू शामिल हुए।

सेल-राउरकेला इस्पात संयंत्र की ओर से मुख्य महाप्रबंधक-टीएस एवं सीएसआर श्री तपनकुमार जी. कानेकर और उप महाप्रबंधक-सीएसआर श्री आर.एस. बोरा उपस्थित रहे। वहीं, एनएसआईसी की ओर से तकनीकी प्रशिक्षण एवं विकास वर्टिकल के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं एसबीयू प्रमुख श्री ओ.पी. सिंह तथा प्रबंधक श्री मार्कंडेय कुमार ने भाग लिया।

समझौता समारोह के दौरान अधिकारियों ने केंद्र के प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान केंद्र के सुचारू संचालन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, उम्मीदवारों को प्रशिक्षण से जोड़ने तथा प्रशिक्षुओं की प्रगति से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक में केंद्र की भावी गतिविधियों और प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। तीनों मंत्रालयों और संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों की यह संयुक्त पहल राउरकेला तथा आसपास के क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति युवाओं के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्र के निरंतर संचालन और विस्तार से युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।