शीतकालीन सत्र में तालचेर समस्या पर प्रकाश डाला जाएगा

शीतकालीन सत्र में तालचेर समस्या पर प्रकाश डाला जाएगा

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

ओड़िशा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बिजुपटनायक ने 1993 में तालचेर का दौरा किया था, इस दौरान उन्होने एक जनसभा को संबोधित करते हुए तालचेर की वर्तमान स्थिति पर कहते हुए इसे जिला बनाने का वादा किया था, यहाँ एपीडीसी कार्यालय खोलना, मेडिकल कॉलेज का तत्काल संचालन, माँ हिंगुला मंदिर न्यासी बोर्ड और विकास के लिए अनुदान, मिनी नंदनकानन के साथ क्वीन्स पार्क का रखरखाव, तालचेर सरकारी अस्पताल में सभी पदों को तत्काल भरना, बड़े पैमाने पर बेरोजगारी पर अंकुश लगाना, राहत खदान प्रभावित लोगों को रोजगार, थर्मल व एफसीआई को तत्काल चालू किया जाए, पश्चिमेश्वर मंदिर के निकट झोलापोल का निर्माण एवं पश्चिमेश्वर से संतपाड़ा पुल सड़क संपर्क, भालार से गोदीबांध तक 4 लेन सड़क का निर्माण, हाटोतोटा रेल लाइन के पास ओवरब्रिज या अंडरब्रिज का निर्माण, एडीएम कार्यालय घंटापाड़ा में ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तत्काल पूर्ण किया जाए साथ ही एडीएम का पद रिक्त होने के कारण इसे तत्काल भरा जाए, समलब्या के सभी तालचर निवासियों को पाइप से जलापूर्ति, स्वर्गीय बीजूबाबू की कांस्य प्रतिमा के पास बिजूपार्क का निर्माण तलचर बस स्टैंड, तालचेर कस्बे के कोयला खनिक द्वारा भूमिगत से कोयला उठा कर उन स्थानों पर रेत भराई, हिंगुला पीठ से डेरा तक सीधी सड़क निर्माण और सड़क पर रोशनी जहां प्रमुख मुद्दे हैं, वहीं अब क्षेत्र के निवासी इसकी शिकायत उपजिलापाल, जिलापाल, राज्यपाल, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के माध्यम से कर रहे हैं, लेकिन इस शीतकालीन सत्र में वे इसे देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि  विधान सभा में इन समस्याओं को कैसे हल किया जाएगा।