देश का पहला इ. ट्रक सेवा राजगांगपुर में शुरू

हरित यातायात के दौर में प्रवेश की ओर कदम रखते हुए डालमिया सीमेंट ने उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रिक ट्रक उतारे,

देश का पहला इ. ट्रक सेवा राजगांगपुर में शुरू

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

डालमिया सीमेंट ने भारत के पहले ई-ट्रक की लांच के साथ स्थिरता के प्रयासों में बढ़त बनाई! 

डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड, देश की अग्रणी सीमेंट निर्माता व डालमिया भारत लिमिटेड की सहभागी कंपनी ने ई-ट्रक लांच की पहल कर उद्योग की आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था में संक्रमण की मुहिम की अगुवाई की है।

यह अग्रणी कदम डीसीबीएल के कार्बन उत्सर्जन को कम करने के सतत लक्ष्य को हासिल करने की रफ्तार को तेज करने के साथ कंपनी के कुल लाजिस्टिक पर होने वाले खर्च में कमी करेगा। कंपनी में नए ईवी ट्रक के बेड़े के प्रवेश से डीजल ट्रकों से संबंधित कार्बन डाईआक्साइड का उत्सर्जन काफी हद तक कम हो जाएगा। 
पहल के प्रथम चरण के अंग के तौर पर प्रस्तावित 22 उच्च क्षमता के इलेक्ट्रिक ट्रकों में से दो को मार्ग पर लगाया गया है जबकि शेष 20 को वित्त वर्ष 2022 के अंत से पहले उतारा जाएगा।

केन्द्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का सहयोग करते हुए डीसीबीएल ने अपनी तरह के इस पहले ईवी को उपलब्ध कराने के लिए भारत की पहली उच्च क्षमता वाले ट्रक निर्माता आईपीएल को अनुबंधित किया है। कंपनी इन ट्रकों का उपयोग स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के राउरकेला परिसर से अपनी राजगंगपुर सीमेंट निर्माण ईकाई तक सीमेंट निर्माण में प्रयुक्त होने वाले कच्चा माल, बीएफजी स्लैग की ढुलाई के लिए करेगी। इसके अतिरिक्त कंपनी ने दो चार्जिंग स्टेशन अपनी राजगंगपुर ईकाई में शुरु की है और तीन अन्य चार्जिंग स्टेशन मार्च 2022 तक स्थापित कर दिए जाएंगे।
डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड,  के प्रबंध निदेशक व सीईओ, श्री महेन्द्र सिंघी ने कहा `पर्यावरणीय सततता को हासिल करना डीसीबीएल में हमारे लिए व्यावसायिक व सामाजिक द्ष्टिकोण से प्राथमिक रहा है। सही नीति व निवेश का माहौल बनाने के लिए जहां हम अपनी सरकार के प्रति आभारी है वहीं यह संस्थानों को सकारात्मक पर्यावरणीय कार्यवाही के लिए प्रोत्साहित करता है जहां एक निजी संस्थान होने हमें अगुवाई करने की आवश्यकता होती है”। `डीसीबीएल ने हमेशा समग्र बिजनेस ईकोसिस्टम तैयार करने के एजेंडे की अगुवाई की है जो सतत  विकास को प्रोत्साहित करता है। राष्ट्रीय स्तर पर सेल के सहयोग से इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े की शुरुआत कर हमें विश्वास है कि हम 2040 तक कार्बन निगेटिव होने के अपने सतत लक्ष्य को पाने में कामयाब होंगे”। 
डीसीबीएल का ईवी को अंगीकार करने का फैसला पर्यावरण की स्थिति में सुधार के साथ ही इसके कार्यक्षेत्र के आस-पास स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को भी घटाएगा। अन्य प्रमुख परिस्थितिकी कार्यक्रमों, प्रदूषण रोकने, कौशल व शैक्षिक पहल से समुदाय को काबिल बनाने, जलस्त्रोतों के सही उपयोग के प्रोत्साहन जैसे कामों के साथ ही कंपनी की यह ई-ट्रक की पहल भी नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण में मदद करेगी। 
इस पहल पर टिप्पणी करते हुए डीसीबीएल के कार्यनिर्वाही निदेशक व राजगंगपुर के ईकाइ मुख्य , चेतन श्रीवास्तव ने कहा, `भारत में ग्रीन सीमेंट निर्माण के अगुवा के तौर पर हम अभिनव उपायों की शुरुआत के लिए मजबूत प्रयास कर रहे हैं जो न केवल टिकाउ यातायात को प्रोत्साहित करेगा बल्कि हमारे बेड़े के डिकार्बनाइजेशन को बढ़ाएगा। हमें विश्वास है कि हरित पथ पर चलने का हमारा संकल्प ऊर्जा के अनुकूलन व स्मार्ट यातायात के मार्ग को प्रशस्त करेगा”।