कुर्मित लौह खदान में बढ़ा असंतोष, स्थानीय टिपर मालिकों ने आंदोलन की चेतावनी दी

कुर्मित लौह खदान में बढ़ा असंतोष, स्थानीय टिपर मालिकों ने आंदोलन की चेतावनी दी

सुंदरगढ़ जिले के लाहुनीपाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत खण्डाधर स्थित कुर्मित लौह खदानों में परिवहन व्यवस्था को लेकर स्थानीय टिपर मालिकों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। वर्षों से इस खदान से जुड़े स्थानीय टिपर मालिकों का आरोप है कि अब उन्हें काम से वंचित कर बाहरी परिवहन कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई है और किसी भी समय यह असंतोष बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है ।

जानकारी के अनुसार, ओएमसी लिमिटेड की कुर्मित लौह खदान से लंबे समय से स्थानीय परिवहन कंपनियों के माध्यम से खनिजों का परिवहन किया जाता रहा है। इस व्यवस्था के तहत बरसुवान क्षेत्र के कई स्थानीय टिपर मालिक अपने वाहनों से खनिज परिवहन कर जीविका चला रहे थे। पहले बीएनआर ट्रांसपोर्ट, तारिणी ट्रांसपोर्ट, अखंडलमणि ट्रांसपोर्ट और हरिओम ट्रांसपोर्ट जैसी स्थानीय कंपनियां टिपर मालिकों को डी.ओ. (डिग्री ऑक्यूपेंसी लाइसेंस) उपलब्ध कराती थीं।

लेकिन नवंबर 2025 के बाद परिवहन व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई कंपनियों—सनशाइन ट्रांसपोर्ट, बरुआ ट्रांसपोर्ट, ओरम ट्रांसपोर्ट और ईस्टर्न बेसिन ट्रांसपोर्ट (गुजरात )—को जिम्मेदारी सौंप दी गई। आरोप है कि इन कंपनियों द्वारा स्थानीय टिपर मालिकों को नजरअंदाज कर बाहरी वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है।

स्थानीय टिपर मालिकों का कहना है कि खदान में पर्याप्त खनिज और उत्पादन क्षमता होने के बावजूद उन्हें परिवहन कार्य नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनके वाहन लंबे समय से बेकार खड़े हैं। कई मालिक बैंक से लिए गए ऋण की किश्तें भी नहीं चुका पा रहे हैं, जिसके कारण उनके परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।

इसके अलावा आरोप है कि खनिज लोडिंग के लिए प्रति ट्रिप 1500 से 2000 रुपये तक अवैध शुल्क वसूला जा रहा है। इससे पहले ही आर्थिक परेशानी झेल रहे टिपर मालिकों का शोषण हो रहा है।

इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय टिपर एसोसिएशन ने सुंदरगढ़ के जिलाधिकारी और जिले के चारों विधायकों का ध्यान आकर्षित किया है। वहीं क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण प्रशासन इस समस्या के समाधान में ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए बरसुवान क्षेत्र के टिपर मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल लाहुनीपाड़ा पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति कुछ हद तक शांत बताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है