ठग विद्या और फर्जीवाडा़ का मास्टर निकला विश्वजित मलिक
'एक कहावत है कि नकल करने के लिए अकल चाहिए' जो विश्वजित मलिक पर विल्कुल फिट बैठती है। कई आरोपो में अभियुक्त और वर्तमान में फरार चल रहे इंटरनेशनल ह्युमन राइट फोर्स के अध्यक्ष विश्वजित मलिक ने अपने वेव साइट www.ihrfgroups.com
पर कई प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) लगा रखा है जो प्रथम दृश्या में ऐसा लगता है कि इनकी संस्था इंटरनेशनल हुमन राइट फोर्स कई मंचों पर सम्मानित हो चुका है। पर गौर से इन प्रमाण पत्रों को देखने पर ऐसा लगता है कि यह सारे प्रमाण पत्र एक ही प्रिंटर से एक ही फोरमेट में, एक ही कागज पर,एक ही स्टाईल में, एक ही दिन प्रिंट किए गए होगें।
विश्वजित मलिक ने अपने वेबसाइट पर भारत सरकार के विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रदान किया गया "शिक्षा संकल्प","ऐनर्जी प्लेज"."यंग वारियर प्लेज", "साइबर सेक्युरीटी एवारनेश " का प्रमाण पत्र लगा रखा है। इन चारो प्रमाण पत्रों पर एक ही तारीख दिनांक 17 जून 2023 अंकित है। इन चारो प्रमाण पत्रों की लिखावट एक जैसी है, इन चारो प्रमाण पत्रों पर प्राप्त कर्ता का नाम इंटरनेशनल ह्युमन राइट फोर्स लिखा हुआ है जो एक ही स्टाइल और एक ही स्याही से लिखा गया है।
यह सारे कार्यक्रम एक ही दिन तो आयोजित नहीं की गई होगी और ना ही एक ही व्यक्ति द्वारा इन सारे प्रमाण पत्रों पर नाम लिखा गया होगा,जो लगभग सारे ही सम्मान समारोह कार्यक्रमों में होता है, प्रमाण पत्रों पर किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त कर्ता का नाम लिखा जाता है, पर विश्वजित मलिक के इन चारो प्रमाण पत्रों पर नाम प्रिंटेट है,वो भी समान अक्षर और स्टाइल से। इन सारे प्रमाण पत्रों के कुछ अन्य नमूने हमारी टीम ने एकत्रित किए है,नीचे उन प्रमाण पत्रों की तस्वीर दी जा रही है। इन तस्वीर को जूम करके देखे, सभी प्रमाण पत्रों में वाटर मार्क ,तारीख,कागज आपको भिन्न भिन्न नजर आएगें।


इतना ही नहीं विश्वजित मलिक ने अपने फेसबुक पर अपने आपको पत्रकार लिख रखा है।

उसने अपने वेव साइट पर पत्रकार होने का एक प्रमाण पत्र भी लगा रखा है जो सूचना एवं जनसंपर्क निर्देशक ओडिशा सरकार के साथ राज्य के सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी को प्रेषित है, इस प्रमाण पत्र पर विश्वजित मलिक का एक पासपोर्ट साइज फोटो भी चस्पा है और प्रमाण पत्र संख्या ABWJA/02/2024 अंकित है।

इस प्रमाण पत्र के एक और नमूना पर नजर डाले तो उसपर पत्र संख्या,किसी की फोटो या किसी अधिकारी को प्रेषित करने जैसी जानकारी अंकित नहीं मिलती।एक और तस्वीर में जो एक कार्यक्रम की है, यह कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित की गई थी जिसमें समान प्रमाण पत्र किसी को प्रदान किया जा रहा है उस प्रमाण पत्र में भी उल्लिखित बातें नजर नहीं आ रही है।

विश्वजित मलिक ने यह कहीं भी नहीं बताया है कि वह किस समाचार संस्था का पत्रकार है और ना ही प्रमाण पत्र पर इसकी जानकारी है। सबसे बडी बात यह है कि यदि कोई पत्रकार किसी पत्रकार संगठन से जुड़ता है तो संगठन अपने सदस्यों की जानकारी अपने तक ही रखता है, ना कि इस संबंध में सदस्यों की जानकारी जन संपर्क कार्यालय /अधिकारी /कलेक्टर /या पुलिस अधीक्षक को पत्र के माध्यम से देता है।
यह सारी बाते इस बात की ओर इशारा कर रही है कि विश्वजित मलिक अपना रसूख (भवकाल) बनाने के लिए यह सारे प्रमाण पत्र जो प्रथम दृश्य में ही फर्जी जान पड़ते है वेव साइट पर लगा रखा है, उसे इस बात का भी भय नहीं है कि कभी सच सामने आया तो क्या होगा।
पिछले दिनों विश्वजित मलिक पर राउरकेला रघुनाथपाली हुए मुकदमें ,महिलाओं द्वारा लगाया जा रहा आरोप और वेव साइट पर लगाया गया प्रमाण पत्र यह चीख चीख कर कह रहे है कि, विश्वजित मलिक फर्जी वाडा और ठगी के माध्यम से अवैध धन उगाही के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इनसे ठगे गए लोग इस बात की मांग करने लगे है कि विश्वजित मलिक की कार्यकलापों की बारीकी से जाँच होनी चाहिए और इस तरह की उन तमाम फर्जी संस्थाओं के संचालको पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर ऐसी संस्थाओं को स्थायी रूप से बंद किया जाना चाहिए।





