राजगांगपुर में जल छत्र योजना पर उठे सवाल
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
राजगांगपुर : शहर में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत देने के लिए राजगांगपुर नगरपालिका द्वारा विभिन्न वार्डों में जल छत्र लगाए गए हैं, ताकि राहगीरों को ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा सके। वार्ड नंबर 5 के गुरुद्वारा के सामने भी ऐसा ही एक जल छत्र स्थापित किया गया है। हालांकि, इसकी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व पार्षद प्रेम प्रकाश प्रसाद ने इस जल छत्र को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जल छत्र स्थापित होने के शुरुआती दो दिनों तक तो सभी घड़ों में पानी भरा रहा, लेकिन उसके बाद से घड़ों में पानी नहीं डाला जा रहा है।
प्रेम प्रकाश प्रसाद ने आरोप लगाया कि नगरपालिका जल छत्र की देखरेख और पानी भरने के लिए प्रति दिन ₹450 खर्च करती है, इसके बावजूद घड़ों में पानी नहीं डाला जा रहा और न ही वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद रहता है। उन्होंने कहा, "जब प्रतिदिन ₹450 का भुगतान किया जा रहा है, तो वहां पानी भरने और देखरेख के लिए कोई व्यक्ति क्यों नहीं तैनात है?"
पूर्व पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष जल छत्र योजना में करीब तीस से चालीसा लाख रुपये का घोटाला हुआ था, जिसकी अब तक जांच नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि इस वर्ष भी लगाए गए जल छत्रों की जांच कराई जाए, क्योंकि वर्तमान में भी हालात वही हैं—घड़े तो लगाए गए हैं, पर उनमें पानी नहीं रहता। भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप सिंह ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चार दिन पहले आरटीआई दायर की है। उन्होंने पिछले वर्ष लगाए गए जल छत्रों की जानकारी नगरपालिका से मांगी है।
प्रेम प्रकाश प्रसाद का कहना है कि नगर के अन्य स्थानों पर भी कई जल छत्र की यही स्थिति है और इस योजना के संचालन में घोटाले की आशंका है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।





