मजदूर नेता राजकुमार लोहार ने उठाया 378 मजदूरों की नियुक्ति का मुद्दा
मनोहरपुर: मनोहरपुर के चर्चित मजदुर नेता राजकुमार लोहार शनिवार के दिन मनोहरपुर लौह अयस्क खान महा प्रबंधक- 'बीएसएल चिड़िया' को 378 खनिक श्रमिकों को धोबील माइंस में कार्य देने के संबंध में एक पत्र लिखा है। उन्होने इस पत्र में लिखा है कि 378 श्रमिकों का छंटनी का आदेश को निरस्त करते हुए सभी श्रमिकों को घोबिल माइंस में कार्य करने का आदेश दिया जाये। मजदूर नेता श्री लोहार का कहना है कि "लोकसभा ना विधानसभा सर्वपरि ग्राम सभा" है, और यहाँ का लौह अयस्क खान में एन.एस.आई.पी.एल.(NSIPL) कंपनी के द्वारा लिया गया ठेका, बिना ग्राम सभा की मंजूरी से पारित किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवास करने वाले आदिवासी, अनुसूचित जनजाति, एवं अंचल के स्थानीय लोगों की अनदेखी कर इनका अहित किया गया है। यहाँ लौह अयस्क का परिवहन कर रहे भारी वाहनो के लिए तीन प्रकार का दर तय किया गया है। यह किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।
मनोहरपुर लौह अयस्क खान चिड़िया में मैनुअल खदान का ठेका दिया गया है, ना की यांत्रिकी खदान का।
इसलिए यहाँ के 378 मजदूरों का एक त्रिपक्षीय वार्ता कर इकरार नामा किया जाय और मजदूरों को खदान के काम में लगाया जाय।
मजदूर नेता राजकुमार लोहार ने मजदूरों की ओर से खदान प्रबंध के समक्ष निम्नलिखित मांगे रही है-
(1).खदान प्रबंधन, ठेकेदार और मजदूर साथ बैठ कर एक इकरार नामा किया जाय ।
(2).तीन साल से एन.एस.आई.पी.एल. कंपनी के ठेकेदार द्वारा जो बस का मुवावजा लिया गया है उसे संगठन (यूनियन) के साथ वार्ता कर मजदूरों के खाते में वापस दिया जाय। और मजदूरों को इसकी सुचना दी जाय की उन्हें किस किस बाबत पर भुगतान किया गया है।
(3).ठेकेदार द्वारा उठाया गया अतिरिक्त कल्याण सुविधा Additional Wellfare Amenities (AWA) का अविलम्ब भुगतान किया जाय।
(4).जिस तरह खदान में पहले कार्य चल रहा था उसी तरह सभी 378 श्रमिकों को खदान में कार्य करने दिया जाय।
(5).भारत सरकार के कार्यादेश को पूरी तरह पालन किया जाए।





