अँधेरे में डूबा पश्चिम ओडिशा का प्रशिद्ध शिवालय-भक्तों में मायूसी
सारे संसार को उजाला प्रदान करने वाले भगवान शिव के मंदिर में पिछले छ: महीनों से अँधेरा ब्याप्त है | श्रावण महीने को देखते हुए मायूस है भक्त,प्रशासन से सहयोग की अपील | घोघड़ धाम शिव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सूरज प्रोडक्ट कारखाना के मालिक योगेश डालमिया एक जानेमाने उद्योग पति है ,पर ट्रष्टी के उदासीनता के कारण अंधेरे में है यह पुरातन मंदिर |
रामप्रवेश चौधरी (संवाददाता)
सारे संसार को उजाला प्रदान करने वाले भगवान शिव के मंदिर में पिछले छ: महीनों से अँधेरा ब्याप्त है | श्रावण महीने को देखते हुए मायूस है भक्त,प्रशासन से सहयोग की अपील | घोघड़ धाम शिव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सूरज प्रोडक्ट कारखाना के मालिक योगेश डालमिया एक जानेमाने उद्योग पति है ,पर ट्रष्टी के उदासीनता के कारण अंधेरे में है यह पुरातन मंदिर |
सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर अंतर्गतओडिशा के सुप्रसिद्ध पुरातन घोघर धाम शिव मंदिर आज अँधेरे में डूबा है जिससे भक्तों में मायूसी छाई हुई है | इस मंदिर में प्रत्येक वर्ष श्रावण महीने में और शिवरात्रि पर्व के दिन चार प्रदेशों जैसे झारखंड, ओडिशा, बंगाल एवं छत्तीसगढ़ से भक्त इस शिव मंदिर में प्रत्येक वर्ष सावन माह और शिवरात्रि के पावन अवसर पर में जल चढ़ाने आते हैं | वैश्विक महामारी कोविड-19 को लेकर सरकार द्वारा जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार विगत साल से मंदिरों में कांवरियों / भक्तों द्वारा जल नहीं चढ़ाया जा रहा है | पर मंदिरों की देखरेख और पूजा अर्चना पूर्ववत बरक़रार रखा गया था, इसी बीच घोघर धाम से एक दुखद खबर मिली कि मंदिर कि देखरेख सही ढंग से नहीं कि जा रही है,इस बात से क्षुब्द हो कर मंदिर के भक्तों द्वारा एक पत्रकार सम्मेलनी बुलाकर मंदिर की समस्याओं से अवगत कराया गया | पत्रकार सम्मेलनी को संबोधित कर रहे भक्तों ने पत्रकरों को यह भी बताया कि मंदिर की बिजली पिछले 6 माह से काट दी गई है जिससे अंधेरे में ही पूजा पाठ हो रही है, इस भब्य मंदिर में रोशनी के नाम पर केवल एक सोलर लाइट ही जलती देखी जा रही है |
भक्तों द्वारा यह बताया गया कि ट्रस्ट के अध्यक्ष पहले घोघड़ मल गडरिया थे, वर्तमान में अध्यक्ष पद पर सूरज प्रोडक्ट कंपनी के मालिक योगेश डालमिया है | लेकिन उनके पास इतनी भी वक़्त नहीं कि मंदिर कि सुध ले सके | सावन माह आने के पहले भक्तों द्वारा इस मंदिर में बिजली कनेक्शन के लिए सरकार एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष से गुहार लगाई है | अब देखना यह है कि यह खबर प्रसारण होने के बाद पुरातन मंदिर का बिजली कलेक्शन जुड़ता है या घोघर धाम में यूं ही अंधकार छाई रहेगी,भक्तों को बेसब्री से परिणाम का इंतजार रहेगा |
यहाँ प्रश्न उठाना लाजमी होगा कि जिस जिले में यह पुरातन मंदिर घोघड़ धाम स्थित है उस जिले में अनेकों पावर प्लांट के साथ सैकड़ों कंपनियां लगाई गई है,और इस मंदिर के ट्रष्ट का अध्यक्ष एक नामचीन उद्योगपति है | इसके बावजूद, इतने बड़े पुरातन मंदिर में अंधकार होना दुखद है |





