तय स्थान पर ना बनकर दूसरी जगह बनेगी ओवरब्रिज फिरभी श्रेय लेने की होड़ मची
बस्ती -बस्ती रेलवे स्टेशन के पूर्वी समपार फाटक पर केंद्र सरकार ने ओवर ब्रिज की मंजूरी दी थी । राज्य सरकार ने नोटीफिकेशन जारी कर लोक निर्माण विभाग को धन अवमुक्त कर दिया है जिसकी चिठ्ठी अनुसचिव उत्तर प्रदेश शासन ने जारी कर सोलह करोड़ से अधिक का धन लोक निर्माण विभाग को अवमुक्त कर दिया है।असम के भाजपा प्रभारी पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के प्रयास से पहले ही केंद्र सरकार ने इस पर अपनी मुहर लगाई थी। राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद अब यह बहु प्रतिक्षित परियोजना पास हुई है।
गौरतलब है कि बहुत दिनों से इस ओवर ब्रिज की मांग शहर की जनता कर रही थी ।करूआ बाबा से लेकर पांडे बाजार तक का रास्ता काफी संकरा है थोक मंडी होने के कारण लोगों का आना-जाना बहुत अधिक है यह रास्ता सघन होने के कारण इस पर ओवर ब्रिज बनाना व्यापारियों को नहीं भायेगा इस लिए गन्ना मिल रोड पर ओवर ब्रिज देकर जहां जाम से मुक्ति का मार्ग ढूंढ लिया गया वहीं व्यापारियों के रोश को भी दूर कर दिया गया।इस तरह से सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं टूटी। अगर देखा जाए तो ओवर ब्रिज की जरूरत रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर समपार पर अधिक है परंतु व्यापारी वर्ग इस रास्ते से ओवर ब्रिज बनने से नाराज़ हो सकते हैं।जो भी हो ओवर व्रीज बन जाने से किसानों और व्यापारियों का भला ही होगा और बस्ती शहर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।अब बस्ती शहर से पुरानी बस्ती बिना जाम की समस्या से जुड़ जायेगा। जिससे लोगों का समय की काफी बचत होगी।।
दूसरी ओर भाजपा नेताओं में इस ओवर ब्रिज को लेकर श्रेय लेने की होड़ लग गई है जहां फेसबुक पर पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के समर्थक इसे पूर्व सांसद के कार्यकाल में केंद्र से लाने का नारा बुलंद कर रहे हैं, वहीं रूधौली से पूर्व विधायक इस उपरगामी पथ का श्रेय राज्य सरकार और उनके बीच पत्राचार का परिणाम बता रहे हैं। अब किया चाहे जिसने हो बस्ती की जनता इस निर्णय से गदगद हैं।।





