खाद्यान्न की कीमतों में बढ़ोतरी से आमजनता का बजट गड़बडा़या
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
तालचेर में खाद्यान्न की किमतो में बढ़ोतरी होने से साधारण परिवार का वजट गड़बडा़या।
सरकार ने जनता को सभी लाभ प्रदान करने के लिए प्रचार के माध्यम से सब कुछ किया, लेकिन अश्विनमास कृष्णपक्ष के कारण सब्जियों की कीमत इतनी बढ़ गई है कि लोगों के लिए पूजा में पुजारी को सब्जी भेंट करना मुश्किल लग रहा है।
पित्रपक्ष में पूर्वजों का पिंडदान किया जाना है। पर इन दोनों सब्जियों के दाम इस कदर आसमान बढ़ गए हैं कि हजारों रूपये बाजार में खर्च करने पर भी आपकी झोली नहीं भरेगी। जबकि आलू का मौजूदा भाव ₹20 से ₹30, प्याज का ₹30, बैंगन का ₹70, टमाटर का ₹60 से ₹80, भेंडी का ₹80, चना का ₹70, पालक का ₹10, कद्दू का 30 प्रति किलो, खम्भआलू का 60 रुपये का भाव है. बीन्स 60 रुपये, खीरा 40 रुपये और पत्ता गोभी 70 रुपये है। इसी तरह उसना चावल 30 किलो, अरुआ चावल 30, सरसों का तेल 163 प्रति लीटर, रिफाइंड तेल 102, सूजी 5, मुगदली 90, चनादाल 60, मटर 65, चीनी 42, हरड़दाल 108, आटा 35, बेसन 84, सूखा काली मिर्च 250, नमक 25 किलो, जबकि आज का बाजार भाव अमीश बकरी का मांस 700, ब्रायलर चिकन 250, मछली 200, झींगा 600, अंडे 7 रुपये और दूध 65 रुपये प्रति लीटर है। तो लोग क्या खाएंगे, कैसे चल पाएंगे, जबकि दिहाड़ी मजदूरो को काम का अभाव हो रहा है। और मध्यम वर्गीय परिवारों को अभूतपूर्व समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जब केंद्र सरकार अच्छे दिन का नारे लगा रही हो, तो राज्य सरकार आपण माने खुशी तो कह कर कीमत में बढ़ोतरी कर रहा हैं, यह नारे कहाँ तक उचित है, यह स्पष्ट है।





