गोरखपुर हटिया मौर्य एक्सप्रेस को राउरकेला तक चलाने की मांग तेज हुई
बिहार वासियों एवं उत्तर प्रदेश वासियों का 30 वर्षों से इस ट्रेन को राउरकेला तक बढ़ाने की मांग अधर में क्यूं लटकी है ?
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत आनेवाले राउरकेला शहर के लगभग दस संस्थाओं ने आज एक साथ मिलकर उत्तर भारतीय समन्वय समिति के बैनर तले राउरकेला स्टेशन मास्टर के माध्यम से भारत सरकार के रेल मंत्री अश्वनी वैष्णवजी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें 15027/28 गोरखपुर हटिया मौर्य एक्स्प्रेस का हटिया से राउरकेला तक संप्रसारण एवं 18181/82, थावे टाटा एक्सप्रेस का टाटा से राउरकेला तक संप्रसारण करने की मांग की गई है।
उक्त दोनो ही मांगे लगभग तीन दशक पुरानी है, तथा रेलवे एवं यात्री दोनो के सहूलियत के लिए है, इन दोनों ट्रेनों में रेलवे को पर्याप्त यात्रियों की उपलब्धता मिलेगी एवं यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने हेतु सीधी ट्रेन मिल जायगे, जो अबतक यात्री राउरकेला से हटिया और टाटा तक जाकर इन ट्रेन में सफर करते थे उनका समय और पैसा दोनों बच्चा। परंतु रेल मंत्रालय की अनदेखी के कारण यह मामला लगभग तीन दशकों से लंबित पड़ा है।
वहीं अपने अपने स्तर पर पूरा प्रयास करने के पश्चात भी रेलवे का समय समय पर अलग अलग कारण बताते हुए पल्ला झड़ना आश्चर्यजनक लगता है। क्या ये वही भारतीय रेल है जो कभी यात्रियों/लोगों के उचित मांगों पर अपने स्तर पर जांच परख और विवेचना कर हल निकाल लेती थी,परंतु आज की परिस्थियों को देखकर ऐसा लगता तो नहीं, अन्यथा उपरोक्त गाडियां अबतक चल रही होती।
वर्तमान में राउरकेला संसदीय क्षेत्र के सभी 7 विधान सभा क्षेत्रों के विधायकों एवं क्षेत्रिय सांसद के मांग के पश्चात भी इसे कार्यकारी न किया जाए, तो आम आदमी के पास क्या विकल्प रह जाता है।अब राउरकेला वासियों की सारी उम्मीद वर्तमान रेल मंत्री पर टिकी हुई है।आशा है काफी सकारात्मक सोच रखने वाले , मृदभाषी रेल मंत्री लगभग तीस दशक पुरानी मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए इसे यथार्थ में बदलेंगे।राउरकेला स्टेशन मैनेजर के मध्यम से ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधमंडल में राष्ट्रीय जन जागरण सेवा संघ के सचिव अरुण सिंह, उद्भव के सचिव,वेद प्रकाश तिवारी, कृष्णा सिंह, सुधीस मिश्रा,अजीत सिंह यादव,हरी शंकर शाह,राष्ट्रीय बिहारी समाज के सचिव पिंकू जयसवाल, बिहार समाज सेवा संघ के ओड़िशा अध्यक्ष सुमेर सिंह, अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद के उपेन्द्र सिंह, भोजपुरी नवयुवक संघ के चंदन यादव, सम्मान ट्रस्ट के शिव शंकर शर्मा,उतर भारतीय महासंघ के सिद्धार्थ लोहानी, सचिदानंद शर्मा शामिल थे।





