अभापसुस की महत्वपूर्ण बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले

अभापसुस की महत्वपूर्ण बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले
अभापसुस की महत्वपूर्ण बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले

प्रेस नोट: अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक "विश्व उमियाधाम, खोडियार–जसपुर रोड, कलोल, गुजरात" में आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष *जिग्नेश भाई कलावाडिया (पटेल)* जी ने की। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव *महफूज़ खान* सहित समिति के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता की रक्षा, पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बनाने तथा संगठन के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।चर्चा के उपरांत राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा निम्नलिखित प्रस्ताव *सर्वसम्मति से पारित किए गए।*

1. पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए राष्ट्रीय अभियान

देशभर में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

इसके अंतर्गत:

• प्रत्येक राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर राज्य स्तरीय अभियान चलाया जाएगा।

• जिन राज्यों में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं है, वहां मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं गृहमंत्री को ज्ञापन अभियान चलाया जाएगा।

• संसद सत्र के दौरान सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता से अवगत कराया जाएगा।

2. राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा रिपोर्ट तैयार करना

पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाओं का तथ्यात्मक रिकॉर्ड तैयार करने के लिए *"राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा रिपोर्ट"* तैयार की जाएगी।

इसमें शामिल होंगे:

• पत्रकारों पर हमले

• फर्जी मुकदमे

• धमकी एवं दबाव के मामले

• हत्या एवं गंभीर हिंसा के मामले

• प्रशासनिक एवं संस्थागत दबाव के मामले

इस रिपोर्ट के माध्यम से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को तथ्यों एवं आंकड़ों के आधार पर मजबूती दी जाएगी।

3. जिला स्तर पर संगठन विस्तार

संगठन को देश के प्रत्येक जिले तक मजबूत बनाने के लिए:

• प्रत्येक जिले में जिला संयोजक नियुक्त किए जाएंगे।

• पत्रकारों के लिए हेल्पलाइन एवं कानूनी सहायता व्यवस्था विकसित की जाएगी।

• ग्रामीण पत्रकारों, स्वतंत्र पत्रकारों एवं डिजिटल पत्रकारों को संगठन से जोड़ा जाएगा।

4. कानूनी सहायता प्रकोष्ठ का गठन

पत्रकारों पर होने वाले उत्पीड़न एवं फर्जी मुकदमों में सहायता के लिए कानूनी सहायता प्रकोष्ठ बनाया जाएगा।

इसके अंतर्गत:

• अधिवक्ताओं की टीम तैयार की जाएगी।

• पत्रकारों को कानूनी सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

• मानवाधिकार संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।

5. पत्रकारिता की विश्वसनीयता एवं गरिमा को मजबूत करना

समिति ने संकल्प लिया कि पत्रकारों की सुरक्षा के साथ-साथ निष्पक्ष, जिम्मेदार एवं जनहितकारी पत्रकारिता की प्रतिष्ठा को भी मजबूत किया जाएगा।

"हम केवल पत्रकारों की सुरक्षा के लिए संघर्ष नहीं करेंगे, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए भी कार्य करेंगे।"*

6. सभी पक्षों से संवाद

पत्रकार सुरक्षा कानून को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने के लिए सत्ता पक्ष, विपक्ष एवं सभी जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया जाएगा।

समिति की मांग किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि पत्रकारिता और लोकतंत्र की सुरक्षा के उद्देश्य से होगी।

7. डिजिटल एवं युवा पत्रकारों को संगठन से जोड़ना

वर्तमान समय में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप को देखते हुए:

• YouTube पत्रकार

• स्वतंत्र पत्रकार

• सोशल मीडिया रिपोर्टर

सहित सभी पत्रकारों की सुरक्षा एवं अधिकारों को संगठन के एजेंडे में शामिल किया जाएगा।

राष्ट्रीय संकल्प

"पत्रकार सुरक्षित होगा, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा। पत्रकारिता की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति राष्ट्रीय स्तर पर अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।"

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