विशाखापत्तनम में पहली बार मनाया गया संबलपुरी दिवस
अनिल कुमार सराफ (रिपोर्टर)
विशाखापत्तनम में पहली बार मनाया गया संबलपुरी दिवस, 150 से ज़्यादा परिवारों ने हिस्सा लिया
पहली बार 'ज़ुहार परिवार' विशाखापत्तनम ने स्टील प्लांट में मौजूद बी.आर. अंबेडकर ऑडिटोरियम में शानदार तरीके से संबलपुरी दिवस मनाया। कार्यक्रम में 150 से ज़्यादा परिवारों ने हिस्सा लिया और पश्चिमी ओडिशा की भाषा, संस्कृति और परंपराओं को श्रद्धांजलि दी। संगठन के सलाहकार चित्तरंजन पांडा, अध्यक्ष मनोज कुमार बेहरा और संपादक निर्मल नाइक के नेतृत्व में कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सुशील टैंडी, मनोज राणा, सुकांत महार, देवदत्त, हृदानंद, अशोक, किशोर प्रधान, महेंद्र और आदित्य महापात्र और दूसरे सदस्यों ने इसमें एक्टिव रूप से हिस्सा लिया। प्रोग्राम की शुरुआत मां समलेई की पूजा से हुई और गुरु सत्यनारायण बोहिधर को श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही, वीर सुरेंद्र साईं, नृसिंह गुरु, माधो सिंह, इथवत्थी गिरी, रिंडो माझी और गुरुबारी मेहर की मूर्तियों पर फूल चढ़ाकर उनके योगदान को याद किया गया। बाद में, संबलपुरी संगीत की धुन पर एक आकर्षक लोक नृत्य पेश किया गया। वहां मौजूद सभी लोगों के लिए खाने-पीने का भी इंतज़ाम किया गया। पहली बार विशाखापत्तनम में इतने बड़े पैमाने पर संबलपुरी दिवस मनाया गया। इस उत्सव से पश्चिमी ओडिशा के लोगों में बहुत उत्साह और खुशी थी।





