25 स्टार्ट अप को मिले एक करोड़ बीस लाख की बित्तिय सहायता
प्रेस विज्ञप्ति: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (राउरकेला)
एनआईटी राउरकेला में डीएसटी निधि-प्रयास और मेइटी जेनेसिस योजनाओं के तहत 25 स्टार्टअप्स को ₹1.2 करोड़ की फंडिग प्रदान की गई
राउरकेला, 7 अप्रैल 2025 – एनआईटी राउरकेला के फाउंडेशन फॉर टेक्नोलॉजी एंड बिज़नेस इंक्यूबेशन (FTBI) ने आज एक ग्रांट अवॉर्ड समारोह का सफल आयोजन किया, जो प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स के बीच नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 150 से अधिक आवेदनों में से 25 स्टार्टअप टीमों का चयन किया गया और उन्हें डीएसटी निधि-प्रयास तथा मेइटी जेनेसिस योजनाओं के तहत प्रोटोटाइपिंग और सीड ग्रांट्स के रूप में कुल ₹1.2 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। चयनित टीमों में युवा उद्यमियों के साथ-साथ एनआईटी राउरकेला के कई फैकल्टी-स्टूडेंट समूह भी शामिल हैं।
एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने कार्यक्रम में चयनित नवप्रवर्तकों को ऑफर लेटर सौंपे। प्रो. राव ने कहा कि यह पहल FTBI की तकनीकी उद्यमिता को समर्थन देने और संस्थान के भीतर तथा बाहर एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की निरंतर कोशिश को दर्शाती है।
FTBI के अध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार मिश्रा ने कार्यक्रम में शामिल होकर स्टार्टअप्स के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा, "चयनित स्टार्टअप्स को उनके विचारों को आगे बढ़ाने और व्यावसायिक रूप देने के लिए ₹1.2 करोड़ की प्रोटोटाइपिंग और सीड ग्रांट्स प्रदान की जाएंगी। ये स्टार्टअप्स हेल्थकेयर, एग्री-टेक, पर्यावरण प्रौद्योगिकी, वस्त्र निर्माण, उन्नत विनिर्माण, और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन के अलावा, FTBI ने नवप्रवर्तकों की मदद के लिए अपनी प्रोटोटाइपिंग सुविधा को और मजबूत किया है, जिसमें CNC प्रेस, लेजर एंग्रावर, लेजर कटिंग मशीनें, मिलिंग उपकरण और UV प्रिंटिंग सिस्टम जैसे अत्याधुनिक उपकरण शामिल किए गए हैं।"
प्रो. मिश्रा ने यह भी जानकारी दी कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की स्टार्टअप पहल TEXMiN ने FTBI में 'साइबर-फिजिकल सिस्टम्स' पर एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया है। TEXMiN (टेक्नोलॉजी इनोवेशन इन एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार की एक पहल है।
मेइटी जेनेसिस योजना के अंतर्गत चार उभरते स्टार्टअप्स को सहायता के लिए चयनित किया गया— Apstronic Technologies Pvt. Ltd., Quixotix Bioprinting Pvt. Ltd., Lova Agritech Pvt. Ltd., और Jhumpa Herbals Cosmetic Pvt. Ltd.
DST NIDHI-PRAYAS के तहत चयनित 21 स्टार्टअप्स पशु चिकित्सा घाव भरने वाले हाइड्रोजेल, फलों और सब्जियों के लिए नैनो-खाद्य कोटिंग, बायोइंस्पायर्ड बेयरिंग्स, खनन सुरक्षा के लिए वायरलेस सेंसर नेटवर्क, और स्मार्ट इंक के साथ 3D प्रिंटिंग जैसे नवाचारों पर कार्य कर रहे हैं।
FTBI, DST NIDHI-PRAYAS और MeitY GENESIS जैसी राष्ट्रीय योजनाओं के साथ अपनी सतत साझेदारी के माध्यम से स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और व्यवसाय विकास सहायता प्रदान कर नवाचार को व्यावसायिक उत्पादों और उद्यमों में बदलने में सहायता करना चाहता है।





