हर्षोल्लास संपन्न हुआ प्रसिद्ध झामूजात्रा
सुशांत मल्लिक (संवाददाता)
आज कालाहांडी के कार्लामुंडा प्रखंड के ऋषिदा स्थित मां तारीणी शैव शक्ति मंदिर में प्रसिद्ध झामूजात्रा संपन्न हुई। यह झामू यात्रा आठ दिनों तक चली।
पहले दिन के कार्यक्रम में अधिवास, मंदिर प्रतिष्ठा, ग्राम परिक्रमा, और मंदिर के छत्र का वरण किया गया।आठ दिनों तक मंदिर में पूजा-अर्चना करने के दौरान प्रतिदिन रात्रि 7 बजे से 9 बजे तक पूजा करने वाले रंजन राणा, बृहस्पति राणा, सूर्यमणि राणा, महेन्द्र प्रधानी पथम्बर राणा, मर्सी निधि द्वारा मंदिर प्रांगण में खुले में पूजा किया गया।
प्रति दिन मंदिर से छत्र निकालकर नगर परिक्रमा की जाती थी । यह छत्र माता के पीछे पिछे उसे छत्र कर ले जाया जाता था। इस कार्यक्रम के उपरांत पुजारी सभी देवताओ की विधिवत पूजन कर उन्हें डोली में बैठाते थे। तदुपरांत वहाँ से निकलकर आग के बीच से होकर चलते हुए एक ओर से दूसरी ओर जाते थे।इस जात्रा के दौरान मंदिर में विराजमान देवी - देवताओ को डोली में बैठाकर गाँव के चारों कोनों की परिक्रमा कराया जाता है और इस तरह यह देवी देवताएँ घर घर में पूजा पाते है।
प्रसिद्ध झामु जात्रा को सफल करने में माँ तारीणी शिव शक्ति मंदिर ऋषिदा, के सेवक व श्रद्धालुओ का प्रमुख योगदान रहता है।
इस जात्रा में मां तारीणी शिव शक्ति पीठ समिति, सुशांत मल्लिक, रमेश बारिक, नरोत्तम सेल्मा, समिति सदस्य सिनू बेहरा, शिव राणा, महेंद्र प्रधानी, कैलास कुमुरा, सेशा राणा, काफुल राणा, तपन राणा, मेमना राणा, भूस्पति राणा,व अन्य ग्रामीण इस आठ दिनों की जात्रा को सुचारू रूप से संपन्न करने में सेवको की तरह अपने कर्त्तव्यो का निर्वाहन करते हैं। जात्रा के दौरान मंदिर परिसर में लगने वाला मीना बाजार, मेला, दर्शकों का खूब मनोरंजन करती है।
आठ दिवसीय पूजन के दौरान की गई सोलह प्रहरी नाम यज्ञ के सफल आयोजन में भाग्यवती राणा, एवं बिशिष्ट शिक्षाविद जगमोहन राणा की अहम भूमिका रही। यह जात्रा मंदिर परिसर में पिछले 12 सालो से आयोजित की जा रही है।
इस जात्रा में सभी श्रद्धालु और ग्रामीण मेला,नाम कीर्तन,भजन का आनंद लेते हुए मां अष्टचंडी़ की कृपा पाते है।
बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए ऋषिदा पुलिस चौकी द्वारा जात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।इस दौरान जात्रा मार्ग के आसपास पुलिस तैनात कर दी गई थी।
मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष नंदूलाल राणा, संपादक नंदकिशोर राणा, मंदिर प्रबंधक अध्यक्ष सुशांत मल्लिक शांति व्यवस्था के प्रभारी थे।
इस वर्ष झामू जात्रा में जन सैलाब देखा गया।





