हक के लिए हड़ताल पर उतरे ग्रामीण

हक के लिए हड़ताल पर उतरे ग्रामीण

अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ) 

तालचेर: तालचेर में गोपालप्रसाद ग्राम के ग्रामीणों ने हिंगुला कोयला खदान को रोजगार, बंदोबस्त और मुआवजे की मांग को लेकर बंद करने के लिए आंदोलन किया गया है।

सैकड़ों ग्रामीणों ने आज सुबह हिंगुला कोयला खदान व टाइम ऑफिस को जाम कर दिया।  नतीजतन, खदान से कोयले का उत्पादन पूरी तरह से बाधित हो गया।  जानकारी के अनुसार, पहले गोपालप्रसाद पंचायत के भूमि को दो चरणों में एमसीएल हिंगुला कोयला खान द्वारा मकान और जमीन का अधिग्रहण किया गया था, जबकि तीसरे चरण में कुसुमपाल, मल्लीबांध और गोपालप्रसाद गांवों की कुछ जमीन और मकानों का अधिग्रहण किया गया था।  लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को पर्याप्त मुआवजा, रोजगार और आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है।

एमसीएल के अधिकारियों ने पहले चरण में शेष 9 भूमिहीन लोगों को काम पर रखने पर सहमति जताई थी, लेकिन उन्हें अभी तक काम पर नहीं रखा गया है।  साथ ही तीसरे चरण के भूमिहीनों के मुआवजे और पुनर्वास के संबंध में अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका है।  इस संबंध में ग्रामीणों ने बार-बार एमसीएल अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत है कि खनन अधिकारी लचर नीति अपना रहे हैं। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि खनन अधिकारी केवल वादे करके उन्हें धोखा दे रहे हैं, जबकि ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर कई बार हड़ताल पर जा चुके हैं।  खनन अधिकारी बार-बार अपने वादों को निभाने में विफल रहने पर ग्राम प्रधान रंजीत बेहरा, संपादक प्रशांत कुमार बेहरा और पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में सभी ग्रामीणों ने यह आंदोलन शुरू कर दिया है।  समस्या के समाधान के लिए खनन अधिकारी और स्थानीय पुलिस अधिकारी ने मौके पर जाकर ग्रामीणों को समझाया और वादा किया कि इस महीने की 9 तारीख तक सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।