सीपीआईएम ने मनाई लेनिन की 154वीं जयंती

सीपीआईएम ने मनाई लेनिन की 154वीं जयंती

प्रेश विज्ञप्ति

विश्व स्तर के महानायक, रूसी क्रांति के प्रतीक, रूस के पहले समाजवादी राष्ट्र के निर्माता, महान क्रांतिकारी वी.आई. लेनिन की 154वीं जयंती आज सीपीआई(एम) की स्थानीय समिति द्वारा राउरकेला शक्ति नगर के पार्टी कार्यालय में आयोजित की गई।

राउरकेला पार्टी के स्थानीय समिति संपादक राज किशोर प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित जयंती समारोह में सबसे पहले लेनिन की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया और लेनिन का स्मारक भी रखा गया।  सीपीआई (एम) राउरकेला स्थानीय समिति के सदस्य वकील अरिंदम दत्त ने समारोह में भाषण दिया और कहा कि रूस में मार्क्सवाद को ठीक से लागू किया गया था।  मार्क्सवाद के एक महान सिद्धांतकार के रूप में विश्व में सार्वभौमिक क्रांति में लेनिन का योगदान निर्विवाद है।  लेनिन का जन्म 22 अप्रैल 1870 को हुआ था।

वैश्विक पार्टी के नेतृत्व में रूस में मजदूर वर्ग की क्रांति ने दुनिया को स्तब्ध कर दिया।  रूसी क्रांति ने दुनिया के विभिन्न देशों में लोकतंत्र की स्थापना और साम्राज्यवाद और पूंजीवाद के खिलाफ चारा उपलब्ध कराया।  इस क्रांति के बाद रूस ने पूरी दुनिया में एक शक्तिशाली समाजवादी राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाई।  लेनिन के नेतृत्व में, रूस में राज्य के स्वामित्व वाले उद्यम, सहकारी कृषि और भूमि सुधार जैसी नीतियां अपनाई गईं।  श्री दत्त ने कहा कि मानव समाज के विकास के लिए पूंजीवाद नहीं समाजवाद ही एकमात्र विकल्प है और उन्होंने महान क्रांतिकारी लेनिन को मार्क्सवाद का सफल क्रियान्वयनकर्ता बताया।

 इस समारोह में जिला संपादक मंडल सदस्य वीका मैती, सुरेंद्र दास, जिला समिति सदस्य बीपी महापात्र, बसंत नायक, क्षेत्रीय समिति संपादक विवस्जीत मांझी, ययाति केशरी साहू, लक्ष्मीधर नायक, बसंत पाढ़ी, प्रमोद परिदा का प्रमुख योगदान रहा।