साध्वी सैल बनीं फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026

साध्वी सैल बनीं फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026

सतीश शर्मा (उप संपादक) 

भुवनेश्वर, 19 अप्रैल: देश की प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता फेमिना मिस इंडिया के इतिहास में पहली बार इसका ग्रैंड फिनाले ओडिशा की धरती पर आयोजित हुआ। राजधानी भुवनेश्वर स्थित कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में शनिवार (18 अप्रैल) को आयोजित 61वें संस्करण के भव्य समारोह में गोवा की साध्वी सैल को फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का ताज पहनाया गया।साध्वी सैल अब अंतरराष्ट्रीय मंच मिस वर्ल्ड में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्हें यह ताज पिछले वर्ष की विजेता निकिता पोरवाल ने पहनाया, जिससे उनके वैश्विक सफर की औपचारिक शुरुआत हुई।

इस अवसर पर महाराष्ट्र की राजनंदिनी पवार को प्रथम उपविजेता घोषित किया गया, जबकि श्री अद्वैता ने द्वितीय उपविजेता का स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में सौंदर्य और प्रतिभा का अद्भुत संगम देखने को मिला। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शुरुआत हुई, जिसके बाद प्रसिद्ध एंकर मनीष पॉल और सराह जेन डायस ने पूरे समारोह का संचालन किया। देशभर से चयनित शीर्ष 30 प्रतिभागियों ने विभिन्न चरणों—परिचय, टैलेंट और गाउन राउंड—में अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। “विश्व सूत्र – वीव्स ऑफ इंडिया फॉर द वर्ल्ड” थीम पर आधारित विशेष प्रस्तुति में भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा को दर्शाया गया। वहीं डिजाइनर प्रभजीत मणिकतला के ‘वज़ानेह’ कलेक्शन ने मंच पर आकर्षण बढ़ाया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में जीनत अमान, मधुर भंडारकर, दूती चांद, नेहा धूपिया, टेरेंस लेविस, सेलिना जेटली, अमाल मलिक और वर्त्तिका सिंह सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं।
टॉप-8 प्रतिभागियों के बीच हुआ प्रश्नोत्तर राउंड प्रतियोगिता का सबसे रोमांचक चरण रहा, जहां उनकी बुद्धिमत्ता, आत्मविश्वास और स्पष्ट अभिव्यक्ति की कसौटी पर परखा गया।
कार्यक्रम का चरम क्षण ताजपोशी समारोह रहा, जहां नई विजेता साध्वी सैल ने गरिमा और आत्मविश्वास के साथ अपनी नई भूमिका का आगाज किया।

जगन्नाथ मंदिर में किया दर्शन

ग्रैंड फिनाले से पूर्व सभी राज्य
 विजेताओं ने जगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही उन्होंने देवी लक्ष्मी और देवी सरस्वती के मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की।
ओडिशा में पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता ने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।