शैयाशय हुई 15 साल की बालिका प्रशासन मौन

शैयाशय हुई 15 साल की बालिका प्रशासन मौन

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

एक तरफ सरकार कहती है कि "बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ"
पर अर्थ के अभाव में कैसे बचे बेटियाँ और जो चारपाई से उठ ना पाए कैसे पढ़े वो बेटियाँ। 

 बताया जा रहा है कि राजगांगपुर  प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले केशरमल पंचायत के तुरीपाड़ा की एक 17 वर्षीय युवती जो पिछले 15 वर्षों से बिस्तर पर थी, और उसकी शारीरिक स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही थी। तुरीपाडा़ के किशोर सोरेंग की पुत्री फूलमती की शारीरिक स्थिति असमान्य होने के कारण माता पिता की कमाई गुजारा करने के लिए कम पड़ने लगी । इसपर किशोर ने राजगांगपुर के तत्कालीन खंड़ विकास अधिकारी पीयूष लोहार से राज्य सरकार की ओर से बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना में उन्हें शामिल करने का अनुरोध किया था। इस योजना के तहत पुरुषों के लिए 5 लाख रुपये और महिलाओं के लिए 10 लाख रुपये का मुफ्त बीमा मिलता है, पर फूलमती के पिता इस सुविधा से वंचित हो गये. यह घटना कुछ पत्रकारों के संज्ञान में आने के बाद वर्तमान स्थानीय खंड़ विकास अधिकारी अक्षय कुमार बाग का ध्यान गया और उन्होने हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है । अब देखना यह है कि क्या फूलमती की सेहत में सुधार होगा और उनके माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान आयेगी।