रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण में अनियमितता का आरोप
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
सुंदरगढ़ जिला में स्थित औद्योगिक शहर राजगांगपुर में रेलवे ओवर ब्रिज का मुद्दा एक बार फिर गर्माने लगा है।
पहले ओवरब्रिज ना बनने से जनता को हो रही परेशानी एक बहुत बडी़ मुद्दा थी तो अब इस ओवरब्रिज के लिए की जा रही
जमीन अधिग्रहण को लेकर अनियमितता का आरोप लगाया जा रहा है।
इस संबंध में शहर के होटल व्हाइट हाउस परिसर में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में यह जानकारी दी गई है।
राजगांगपुर शहर में निर्माण की जा रही रेलवे ओवर ब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण की सीमा निर्धारित होने के बाद,भूमि अधिग्रहण में मनमानी का आरोप लगते हुए अनेको प्रश्न उठाए जा रहे है।
इस संबंध में राजपथ-10 स्थित होटल व्हाइट रोज परिसर मे समाजसेवी प्रेम अग्रवाल ने शुक्रवार की दोपहर 12 बजे एक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन कर रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए की जा रही भूमी अधिग्रहण को लेकर विरोध जताते हुए कहा कि पूंजीपतियों के दबाव में जिला प्रशासन ओवरब्रिज का नक्शा बदलने जा रही है, शहर में इस मुद्दे को लेकर काफी गहमागहमी है।
राजगांगपुर नगर पालिका भवन में दिनांक 18.03.2023 एवं 06.04.2023 को दो आम बैठक कर प्रस्तावित भूमि के विस्तार/अधिग्रहण हेतु अपना प्रस्ताव रखा गया था।इस बैठक में संकल्प करते हुए यह निष्कर्ष निकाला गया था कि प्रस्तावित भूमि सड़क के मध्य बिंदु से पूरब एवं पश्चिम की ओर बराबर जमीन ली जाएगी। इस प्रस्ताव पर राजगांगपुर की जनता सहमत हो गई थी।
इस भूमि अधिग्रहण में 70 परिवारों की 2 एकड़ 65 डिसमिल की जमीन के अधिग्रहण का नोटिस भी जारी किया गया था। यह नोटिस मिलने के बाद विभाग द्वारा जमीन का सर्वे शुरू किया गया।
लेकिन प्रेस वार्ता में पत्रकारो को यह जानकारी दी गई की कुछ पूजीपतियों के दबाव में आकर अधिकारी द्वारा सड़क के मध्य क्षेत्र से पूर्व की ओर 4 मीटर भूमि अधिक ली जा रही है वही पश्चिम की ओर राहत पहुंचाई जा रही है जिसका विरोध पूर्वी क्षेत्र के लोगों द्वारा की जा रही है जिससे रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। वही पूर्वी क्षेत्र में प्रभावित लोगों द्वारा इसकी शिकायत अतिरिक्त जिलापाल से की गई है।
राजगांगपुर में हो रही इस अनियमितता की खबर विभिन्न मीडिया हाउस के माध्यम से सार्वजनिक होने के बाद सरकार इसपर क्या बिचार करती है।





