राउरकेला इस्पात संयंत्र के ग्रीनफील्ड विस्तार परियोजना के लिए चारदीवारी निर्माण अंतिम चरण में
सतीश शर्मा (उप संपादक)
सेल के राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) की प्रस्तावित लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की ग्रीनफील्ड विस्तार परियोजना को जल्द ही गति मिलने वाली है। परियोजना के लिए 1,200 एकड़ भूमि की सुरक्षा हेतु बनाई जा रही चारदीवारी का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।
संयंत्र प्रबंधन ने वर्ष 1950 के दशक में ओडिशा सरकार द्वारा आवंटित 1,200 एकड़ भूमि को सुरक्षित करने के लिए इसकी पूरी परिधि में 11.19 किलोमीटर लंबी बाड़ का निर्माण पूरा कर लिया है। इसके साथ ही प्रस्तावित 10.308 किलोमीटर लंबी कंक्रीट की चारदीवारी में से 9.11 किलोमीटर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।इस बीच, परियोजना सलाहकार मेकॉन ने स्थलाकृति सर्वेक्षण, भूमिगत सर्वेक्षण तथा मिट्टी परीक्षण का कार्य पूरा कर लिया है। विस्तारण परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी शीघ्र ही अनुमोदन के लिए सेल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
राज्य सरकार, जिला प्रशासन और ओडिशा पुलिस के सहयोग से 28 अप्रैल, 2026 को चारदीवारी निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। दुर्गम भू-भाग, ऊबड़-खाबड़ ढलानों और जलधाराओं जैसी प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप तेजी से आगे बढ़ाया गया। इसके लिए अस्थायी पुलों का निर्माण किया गया तथा भूमि की घेराबंदी और प्रीकास्ट कंक्रीट दीवार का निर्माण समानांतर रूप से जारी रखा गया।
6 मई, 2026 से स्थायी कंक्रीट चारदीवारी का निर्माण शुरू हुआ। मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए गहरी नींव पर 3.5 मीटर ऊंची कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है।परियोजना को समय पर पूरा करने में सैकड़ों कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस, सीआईएसएफ, अग्निशमन सेवा तथा सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में श्रमिकों ने भीषण गर्मी, मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच सुबह से देर रात तक लगातार कार्य किया।परियोजना क्षेत्र में रहने वाले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का कार्य भी तेजी से चल रहा है। अब तक 514 परिवारों को 21.17 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जबकि 208 लोगों को संविदा रोजगार उपलब्ध कराया गया है। 323 परिवार अस्थायी आवास अथवा अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं।
देवगांव के निकट विकसित किए जा रहे पुनर्वास स्थल पर सड़क, बिजली, पेयजल और सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। संयंत्र प्रबंधन का कहना है कि पुनर्वास और विस्तार परियोजना दोनों कार्य समानांतर रूप से आगे बढ़ रहे हैं तथा जल्द ही परियोजना के अगले चरण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।





