बिलासपुर में पानी की समस्या पर प्रशासन का दोहरा चरित्र आया सामने

बिलासपुर में पानी की समस्या पर प्रशासन का दोहरा चरित्र आया सामने

जिला प्रशासन का दोगलापन गर्मी के दिनों में एक तरफ सर्वसिंग सेंटर को बंद करने फरमान वही ए एस फन (वाटर पार्क) को खुली छुट पानी बर्बादी की ?

बिलासपुर औद्योगिक क्षेत्र में चल रहा ए एस फन (बबल अइलेंड ) को आखिर गर्मी में पानी बर्बादी की छुट क्यों?

जिला प्रशासन एक तरफ पानी बचाने की दुहाई देती दूसरी तरफ ए एस फन (बबल आयलेंड) जैसे वाटर पार्क को खुली छुट दे रही?

क्या हर बार हाईकोर्ट को स्वयं संज्ञान लेना पड़ेगा तभी प्रशासन सजगता से कार्य करेगा? (पत्रकार गोविन्द शर्मा - प्रांतीय अध्यक्ष "अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा संघ" )की रिपोर्ट. 

बिलासपुर :- अक्सर देखा जाता हैं प्रशासन की लाठी हमेशा गरीब मध्यमवर्गीय पर गिरती हैं क्योंकि उन पर इनका जोर चलता हैं बड़े लोगो और व्यापारियों पर इनकी नहीं चल पाती हैं या हाथ डालने से भी घबराते हैं जी हाँ आज हम बात कर रहें हैं प्रशासन के ऐसी ही एक फरमान की जहाँ बिलासपुर जिले का पानी स्तर निरंतर गिरता जा रहा हैं जिसे देखते हुए प्रशासन गंभीरता से इस पर कार्य कर रहा हैं लेकिन गंभीरता भी कैसी एक तरफ गरीब, मध्यमवर्गीय व्यापार करने वालो पर इनका डंडा चल रहा हैं फरमान ये हैं कि पूरी गर्मी के मौसम में शहर में सभी सर्वर्सिंग सेंटर (गाड़ी धुलाई )करने वाले स्टेशन बंद रहेंगे और पानी के दुरपयोग पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी और नगर निगम का दस्ता हाल फिलहाल मानिटरिंग कर रहा हैं जिसपर कार्यवाही भी जारी हैं लेकिन ये गर्मी में पानी बचाने का आदेश शहर के उद्योग और नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले ए एस फन (बबल आयलेंड, वाटर पार्क ) पर लागू नहीं होता जहाँ हजारों लीटर पानी की बर्बादी रोज हो रही हैं लेकिन बड़े व्यापारी हैं, तो उन पर किसी भी प्रकार का कोई नियम लागू नहीं होता हैं प्रशासन, नगर निगम ने इन्हे अबतक कोई नोटिस नहीं दिया होगा और न ही देने की सोच रहें होंगे? आखिर प्रशासन, नगर निगम ने इन्हे किस नियम के तहत छुट दे रखी हैं पानी की बर्बादी क्या उन्हें होते हुए दिखाई नहीं दे रही हैं, क्या इस वाटर पार्क को पानी बर्बादी की छुट मिली हुई हैं, क्या इस वाटर पार्क में पानी पुनर्स्थापित करने की व्यवस्था हैं लेकिन फिर भी पानी की बर्बादी कही न कही हो रही होंगी किसी प्रशासनिक स्तर के अधिकारी ने जाँच की, नगर निगम के अधिकारियो ने जाकर देखा पानी की बर्बादी हो रही हैं की नहीं ये सब होना चाहिए था लेकिन ऐसा होता हुआ कही दिखाई नहीं दे रहा हैं इसलिए जिला प्रशासन का दोहरा चरित्र साफ दिखाई दे रहा हैं की एक तरफ छोटे छोटे सर्वसिंग स्टेशन इन्हे दिखाई दे जा रहें हैं,जिसके बंद होने से कई घरों के चुल्हे ठंडे़ पड़ सकते है,  लेकिन ये बबलआयलेंड (वाटर पार्क )इन्हे दिखाई नहीं दे रहा हैं और पानी बचाओ का नारा सिर्फ दिखावा ही साबित हो रहा हैं?

आखिर ए एस फन (बबल आयलेंड )को औद्योगिक क्षेत्र में अनुमति मिली कैसे :-बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ए एस फन को आखिर अनुमति कैसे मिली जबकि बिलासपुर का जल स्तर निरंतर गिरता जा रहा हैं और जिला प्रशासन इस पर ध्यान क्यों नहीं दे रही हैं इस ए एस फन को किस नियम के तहत परमिशन मिली हुई हैं ये भी एक जाँच का विषय हैं प्रशासन और नगर निगम को देखना चाहिए पानी की बर्बादी को कैसे रोका जाये और इस बबल आयलेंड को तुरंत बंद करने का आदेश जारी करें जिससे हजारों लीटर पानी की बर्बाद होने से बचाया जा सकें।

क्या हर बार उच्च न्यायलय को स्वयं संज्ञान लेना पड़ेगा?

बिलासपुर उच्च न्यायलय हमेशा ऐसे मुद्दे पर स्वयं संज्ञान लेता रहा हैं जो जनता हित के रहें अभी वर्तमान में उच्च न्यायलय ने हवाई सेवा को सुचारु रूप से चलाने को लेकर हो,सड़कों को बनवाने को लेकर हो,या सड़को पर मवेशियों के कारण हो रही दुर्घटना को लेकर ऐसे न जाने कितने मुद्दे हैं जो जनता हित के हैं जिसे उच्च न्यायलय ने स्वयं संज्ञान लिया हैं क्या पानी बचाने को लेकर भी गरीब पर डंडा और बड़ो को छुट को लेकर संज्ञान लेना पड़ेगा तभी प्रशासन के अधिकारी जांगेगे?