तालचेर कस्बा गजानन की पूजा में व्यस्त
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
तालचेर की परंपरा और विरासत को बनाए रखते हुए, आज 60 से अधिक वर्षों से तालचेर में गजानन की पूजा विभिन्न शिक्षण संस्थानों, यहां तक कि घरों व शहर के कोने कोने में भव्य समारोहों में आयोजित की गई है। कोरोना महामारी की पाबंदियों के चलते ओडिशा के मशहूर तालचेर के सभी मंदिरों में गणेश पूजा बंद हुए आज दो साल हो जाएंगे, जिससे तालचेर के भगवद प्रेमियों में गहरा सदमा लगा है. इसके चलते औद्योगिक नगर तालचेर आज से सक्रिय है।
तालचेर के बोडोदांडो़ शाही से शुरू होकर हांडी धुआ तक, शहर तोरण, आलोकमाला, विभिन्न दुकानों, झूले और मीनाबाजारों के साथ उत्सवों से भरा होता है।आज प्रातः पूजामंडपों के पुजारियों, कर्ता, गणेश पूजा समिति के सदस्यों ने तालचेर शहर से बहने वाली शाश्वत पवित्र ब्राह्मणी नदी से जल लेकर भगवान गणेश का अभिषेक किया, घंटियाँ, शंख, यंत्र, निशान, हुलुली बजाई गई और पानी को बर्तनों में लाकर पूजा मंडप के अंदर रखा गया। उसके बाद सूर्य पूजा, विभिन्न देवताओं का आह्वान, भगवान श्री गजानन की प्राण प्रतिष्ठा होमयज्ञ आदि शुरू हुआ। इससे पुजा मंडपों में भीड़ उमड़ पड़ी। इसी प्रकार तालचेर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में छोटे छोटे छात्र सुबह जल्दी उठकर जोश के साथ अपनी दिनचर्या पूरी कर खुशी-खुशी स्कूल में उपस्थित हुए. हालांकि, आज से नौ दिनों तक हो रही तालचेर की चर्चित गणेश पूजा पर केंद्रीय गणेश पूजा समिति द्वारा आयोजित इस गणेश पूजा में स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सख्ती कर दी है।





