जलता जंगल सोता वन विभाग
अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ)
तालचेर के जिस जंगली क्षेत्र में आग लगी है वह कोई दुर्गम इलाका नहीं है, तालचेर नगर वन विभाग कार्यालय से मात्र 2 किमी दूर डेरा चौक के पास शाल जंगल और सेंट्रल अस्पताल के पास की सड़क के दोनो ओर के शाल के जंगल धू धू कर जल रही है, लेकिन वन विभाग गहरी नींद सो रहा है।
सड़क के दोनों ओर तलचेर के बानांचल अंतर्गत सेंट्रल अस्पताल व सेंट्रल कॉलोनी के बीच में एक एकड़ का घना जंगल है, इस जंगल में किसी कारणवश आग लग गई, आसपास के रहवासी पर्यावरण को हो रहे नुकसान से चिंतित हैं। लोग एक ही मुख्य सड़क से विभिन्न स्थानों की यात्रा करते हैं। इस जंगल में लगी आग से राहगीरों की आंखें, कान,नाक आग के गोले और धुएं के संपर्क में आने से दम घुटने लगा है। इसके साथ ही पर्यावरणविदों ने यह मत व्यक्त किया है कि उन क्षेत्रों में तापमान बढ़ने से जंगल में रहने वाले जंगली जानवर और कीड़े इससे प्रभावित हो रहे हैं। इसी तरह डेरा गली से हांडी धुआ मार्ग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के पास एक एकड़ के जंगल में आग लग गई और स्थानीय निवासियों को पर्यावरण प्रदूषण के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, यहां सवाल उठता है कि वन विभाग को तालचेर बनांचल के पास के दोनों जंगलों में लगी आग के बारे में उन्हें कैसे पता नहीं चला?





