नियमों का उलंघन करने वालो पर कब होगी कार्यवाही
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
राजगांगपुर शहर में इन दोनों कई स्थानों पर एक समस्या देखने को मिल रही है। यह कि कई लोग नये घर के निर्माण या घर की मरम्मत करने के दौरान निर्माण सामग्री सड़क पर रख रहे है। सामग्रियाँ रखने का समय कुछ घंटो के लिए नहीं बल्कि हप्तो-महिनों तक होता है।
इससे एक ओर जहाँ यातायात बाधित हो रही है। वही दूसरी ओर रेत,मोरंग,गिट्टी,ईट,बल्ली,खूंटा जैसे चीजे सड़क पर बिखरने से वाहनों के फिसलने और दुर्घटना ग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है।
बताते चले कि सड़क पर निर्माण सामग्री रखने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है लेकिन राजगांगपुर नगर पालिका द्वरा नियमित निरीक्षण नहीं होने से निर्माण कंपनी/ठेकेदार/मिस्त्री आदि लोग नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है।
पिछले कुछ माह से मकान मालिक, ईंट,रेत,गिट्टी,घर टूटने से निकली अवर्जना आदि,सड़क के ऊपर जहां तहां फेक देते है। नतीजन, ट्रैफिक जाम एवं ज्यादातर दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों व व्यापारियों को बराबर परेशानी हो रही है। राजगांगपुर में गोपबंधु हाई स्कूल गेट के सामने सरवती महिला कॉलेज के पास निर्माण सामग्री होने से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
ऐसा ही एक उदाहरण स्थानीय थाना के पास देखने को मिला। जहाँ एक व्यक्ति ने थाने के पास अपने निर्माणाधीन मकान को तोड़कर टूटी ईंटों को नगर निगम के नाले में फेंक दिया, जिससे नाला अवरूद्ध हो गया, और नाले में बहता गंदा पानी सड़क पर बहने लगी, जिससे आने-जाने में कठिनाई हो रही थी और नगर पालिका द्वारा नवनिर्मित पक्की सड़क भी जर्जर हो रही है। लेकिन नगर पालिका द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नतीजन नगर पालिका के काम पर सवाल उठ रहे हैं.इस शिकायत के बाद कार्यपालक अधिकारी व अभियंता ने मौके पर आकर निरीक्षण किया लेकिन उक्त व्यक्ति पर किसी प्रकार का जुर्माना नहीं लगाया गया।
वहीं इसी तरह गोपबंधु उच्च विद्यालय के मुख्य द्वार के पास सड़क पर बालू रखकर कुछ लोग बेच रहे हैं। जिससे वहां आने जाने में दिक्कत हो रही है और दुर्घटनाएं भी हो रही है।
वही स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई है. नगर निगम से इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जुर्माना वसूल करने की आम लोगो की मांग हो रही है अब देखना यह होगा की खबर प्रसारण होने के बाद नगरपालिका द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है।





