क्योंझर में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की घोषणा
सतीश शर्मा (उप संपादक)
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार (13 जनवरी) को राज्य के क्योंझर जिले में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का एक क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण वित्तीय और आधारभूत ढांचा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने क्योंझर जिला सभागार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और नृत्य अकादमी स्पिराजा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक रंगमंच कार्यशाला का उद्घाटन करते यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि केओंझर में एनएसडी की एक शाखा स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की आत्मा होती है, जो उसके सामूहिक विचारों, संघर्षों, आकांक्षाओं और सपनों को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक चेतना और जनसंवेदनाओं को जागृत करने का सशक्त साधन है।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा, “रंगमंच करुणा, अनुशासन, टीमवर्क और आत्म-अभिव्यक्ति सिखाता है।” उन्होंने भारतीय रंगमंच को समृद्ध करने और पीढ़ियों तक कलाकारों को तैयार करने में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की भूमिका की सराहना की।
क्योंझर की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां लोक संगीत, लोकनृत्य और कथावाचन की मजबूत परंपरा रही है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय केंद्र की स्थापना से पारंपरिक और आधुनिक कला रूपों के बीच सेतु बनेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में कलाकारों के भत्ते में वृद्धि की गई है तथा युवाओं को प्रोत्साहित करने, पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और नए रचनात्मक मंच तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
“हम चाहते हैं कि हमारे युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए बड़े सपने देखें,” मुख्यमंत्री ने कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने ओड़िया भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं प्रचार पर सरकार के फोकस को रेखांकित किया।
उन्होंने ओडिशा की समृद्ध लोक और शास्त्रीय नृत्य परंपराओं—ओडिसी, छऊ, जनजातीय सांस्कृतिक परंपराओं तथा गंजाम की भारत लीला, दंड नाट (झामू यात्रा) और मयूरभंज के विश्वप्रसिद्ध छऊ नृत्य—का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर सांसद अनंत नायक, करंजिया विधायक पद्मचरण हैबुरू, तेलकोई विधायक डॉ. फकीर मोहन नायक, क्योंझर के जिलाधिकारी विशाल सिंह, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के रजिस्ट्रार प्रदीप मोहंती, स्पिरिजा की संस्थापक प्रगटिका मोहंती सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।





