एनआईटी राउरकेला के 24वें दीक्षांत समारोह में 2033 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री

एनआईटी राउरकेला के 24वें दीक्षांत समारोह में 2033 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री

सतीश शर्मा (उप संपादक) 

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला का 24वां दीक्षांत समारोह 12 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह समारोह संस्थान के विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। 10 सितंबर को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव, 24वें दीक्षांत समारोह के प्रभारी प्रो. सिद्धार्थ एस. जेना, डीन (अकादमिक) प्रो. सरोज कुमार पटेल तथा प्रेस एवं जनसंपर्क समिति के अध्यक्ष प्रो. विवेकानंद मल्लिक ने बताया कि नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। एनआईटी राउरकेला के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री एस. एन. सुब्रह्मण्यन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डॉक्टरेट सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 2,033 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 1,525 पुरुष और 508 महिला विद्यार्थी शामिल हैं।

दीक्षांत समारोह के संबंध में एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने कहा कि दीक्षांत समारोह प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन का गौरवपूर्ण और महत्वपूर्ण अवसर होता है। यह वर्षों की शिक्षा, प्रतिबद्धता और परिश्रम की सफल परिणति का प्रतीक है तथा साथ ही संभावनाओं और जिम्मेदारियों से भरी नई यात्रा की शुरुआत भी करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान से निकलने वाले विद्यार्थी उत्कृष्टता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की उस भावना को आगे भी बनाए रखेंगे, जिसका प्रतिनिधित्व एनआईटी राउरकेला करता है।

86 पदक एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे
दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम उपलब्धियों के लिए मेधावी विद्यार्थियों को कुल 86 पदक एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं—
संस्थान स्वर्ण पदक — 11
एंडोमेंट स्वर्ण पदक — 6
एंडोमेंट पुरस्कार — 8
संस्थान रजत पदक — 61
11 संस्थान स्वर्ण पदकों में बी.आर्क. और बी.टेक. के सर्वश्रेष्ठ स्नातक, विभिन्न पाठ्यक्रमों के सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर, सर्वश्रेष्ठ स्नातक एवं स्नातकोत्तर परियोजनाएं, सर्वश्रेष्ठ एमबीए विद्यार्थी, प्रो. भुवनेश्वर बेहरा स्वर्ण पदक से सम्मानित सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर सहित अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए पुरस्कार शामिल हैं।
छह एंडोमेंट स्वर्ण पदकों में स्निग्धाश्री पात्र स्मृति स्वर्ण पदक, डॉ. बंशीधर पांडा स्वर्ण पदक, प्रोफेसर रमेश चंद्र बेहरा स्वर्ण पदक, श्री कामाक्षी प्रसाद पांडा स्वर्ण पदक, डॉ. बिष्णु प्रसाद दास स्वर्ण पदक तथा 1970 बैच एलुमनी स्वर्ण पदक शामिल हैं।
वहीं आठ एंडोमेंट पुरस्कारों के माध्यम से शिक्षा, अनुसंधान, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्रो. अमृत कुमार पॉल स्मृति पुरस्कार, सौरव रंजन कर स्मृति पुरस्कार, बंटी स्मृति पुरस्कार, शांता जैन पुरस्कार, भास्वती पॉल स्मृति पुरस्कार, रोनक दास स्मृति पुरस्कार, एनआईटीआर स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ द ईयर 2025 तथा NITROAA–प्रो. लक्ष्मी एन. भूयन अंडरग्रेजुएट रिसर्च अवार्ड शामिल हैं।
डिजीलॉकर में उपलब्ध होंगी डिग्रियां
24वें दीक्षांत समारोह के प्रभारी प्रो. सिद्धार्थ एस. जेना ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक है। उन्होंने बताया कि उनकी जिम्मेदारी विभिन्न टीमों के बीच समन्वय स्थापित कर वर्ष 2026 के स्नातक विद्यार्थियों के लिए डिग्री प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि एनआईटी राउरकेला के सभी स्नातक विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियों के लिए डिजीलॉकर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
दो पूर्व विद्यार्थियों को विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान
24वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर एनआईटी राउरकेला के दो प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थियों को उनके-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान (Distinguished Alumnus Award) 2026 से सम्मानित किया जाएगा।
उद्योग एवं प्रबंधन वर्ग:
श्री राजर्षि गुप्ता, बी.एससी. इंजीनियरिंग (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), 1988 बैच तथा ओएनजीसी विदेश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, को रणनीतिक अंतरराष्ट्रीय निवेश और अधिग्रहणों के माध्यम से भारत की वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
उद्यमिता एवं सार्वजनिक जीवन वर्ग: ज्ञान रंजन महंती, बी.एससी. इंजीनियरिंग (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), 1980 बैच, प्रबंध निदेशक, कॉरोजन प्रोटेक्शन लिमिटेड तथा बी. इंजीनियर्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक, को बुनियादी ढांचे के विकास, रक्षा विनिर्माण और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय महत्व की कई ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजनाओं में भी योगदान दिया है।