हरिहर सागर की सुरक्षा के लिए जन आंदोलन
सुशांत मलिक (व्योरो चीफ)
हरिहर सागर की सूरक्षा के लिए विशाल जन आंदोलन और लघू सिंचाई कार्यालय के घेराव करने का मामला सामने आया है।यह मामला है। कालाहांडी जिला के एम रामपुर प्रखण्ड अंचल का जहाँ हरिहर सागर को बचाने, और लघू सिंचाई विभाग कार्यालय के घेराव के लिए बड़ा जन आंदोलन किया गया है। सबसे पहले स्थानीय बस स्टैंड इलाके में बड़े आंदोलन के लिए एक बैठक कर इस बिषय पर चर्चा की गई, जिसके बाद एक बड़ा जुलूस निकालकर लघू सिंचाई विभाग कार्यालय का घेराव किया गया। इस जन आंदोलन में कालाहांडी जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह देव, एम रामपुर प्रखण्ड के पुर्व प्रखण्ड अध्यक्ष जीवेश पण्डा समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए। संग्राम समिति की तरफ से लघू सिंचाई विभाग
एस डी ओ, को एक ज्ञापन दिया गया।जिसके बाद विभाग की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि, एक महीने के अंदर सागर में मौजूद अज्ञात लताएं, डलियां आदि की सफाई कर दी जाएगी और आने वाले दिनों में इसका जीर्णोद्धार कर सौंदर्यीकरण किया जाएगा।इसपर संग्राम समिति का कहना है , कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह फिर आंदोलन करेगे, और जिन होटल व मकान मालिकों ने अपना गंदा पानी सागर में छोड़ा है उन्हें नोटिस देकर चेतावनी दी गई है कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने के बाद संग्राम समिति के सदस्यों ने बीडीओ शरत कुमार सेठी, तहसीलदार मीमांसा साहू, अतिरिक्त अधिशासी अभियंता बाल बिंदर सिंह यादव, थानाप्रभारी, एमआईएसडीओ एवं अन्य अधिकारियों के साथ हरि हर सागर का दौरा किया।
आपको बता दें कि कालाहांडी जिले के ऐतिहासिक जलाशयों में से एक हरि हर सागर अब जर्जर हालत में है। लगभग तीन दशक पहले, एम. रामपुर के लोग इस सागर में न सिर्फ़ नहाते थे, बल्कि खाना पकाने, पीने वगैरह के लिए भी इस सागर के जल का इस्तेमाल करते थे। लेकिन पिछले बीस सालों से, शहर के अलग अलग होटलों का गंदा पानी और कुछ स्वार्थी लोगों के टॉयलेट का गंदा पानी बहकर सागर के जल में घुलने लगी, जिससे यह जीवनदायिनी अमृत तुल्य,सागर धीरे धीरे कूड़े के ढेर में बदलती जा रही है। इस आंदोलन में हरिहर सागर का उपयोग करने वाले तेलसागरपाड़ा, कांधिपाड़ा, पैपकपाड़ा, गौपाड़ा और एम. रामपुर शहर के लोगों ने अपनी मर्ज़ी से आंदोलनकारीयों का साथ दिया।
सुशांत मलिक की रिपोर्ट सारांश दैनिक।।





