स्वास्थ्य विभाग के निर्देशो की धज्जियां उडा़ता अस्पताल
अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ)
तालचेर में विभिन्न क्षेत्रों के मरीज बहुत पुराने तालचेर उप-जिला अस्पताल के भरोसे हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस अस्पताल में करोड़ों रुपए की लागत से विशाल भवन बनाए गए हैं। इसकी तुलना में आज सेवा कम हो गई है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के निर्देशो का खुलेआम उलंघन होने से संबंधित अधिकारियों की चर्चा विभिन्न हलकों में हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों से आम जनता को अवगत कराने के लिए मरीजों के बिस्तरों की चादरें 7 रंगों में बिछाने का नियम है,जो इस प्रकार है- सोमवार गुलाबी, मंगलवार नीला, बुधवार ग्रे, गुरुवार हरा, शुक्रवार पीला, शनिवार बैंगनी, और रविवार लाल। इन सभी रंगों चादर का मिलना तो दूर की बात है,यहाँ मरीजो को समान्य चादर भी नसीब नही हो रहा है। ऊपर से बिस्तर पर लगा गद्दा खराब अवस्था में जिससे रोगी भी परेशान हो जाते है। यहां तक कि देखने में यह भी आता है कि रोगी बड़े से बिस्तर पर शाल, चादर, कम्बल ओढ़े सो रहा है। मरीजों को आकर्षित करने और उनके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग रंग की बेडशीट को अलग-अलग बार में बिछाने का निर्देश हैं. लेकिन इसका गंभीर अपवाद यहां देखने को मिलता है। जहां की बात आती है, जिला कोष से मरीजों की बीमारी को दूर करने के उद्देश्य से इसे लागू करने के लिए अरबों रुपये की निविदा के माध्यम से संबंधित विकास कार्य दिया जाता है। लेकिन आरोप है कि संबंधित चिकित्सा अधिकारी की लापरवाही के कारण इस पर अमल नहीं हो रहा है, गौरतलब है कि यह एक बड़ी घटना है जिसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है।





