विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

रामप्रवेश चौधरी (संवाददाता)

आज 'विश्व तंबाकू निषेध दिवस है 

* तंबाकू का सेवन करने वालों में कोरोना का जोखिम 50 % अधिक है,
* धूम्रपान कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे को बढ़ाता है,
* धूम्रपान के आदी मरीजों में कोविड गंभीर रूप ले सकता है,
* वैक्सीन लेने के बाद भी धूम्रपान नहीं करना चाहिए, 


तंबाकू से होती हैं ये बीमारियां इस तरह करें बचाव

आज तंबाकू निषेध दिवस अर्थात "वर्ल्ड नो टोबैको डे" है। कोरोना के दौर में इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। वजह एकदम साफ है, तंबाकू ने कोरोना को ज्यादा घातक बना दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि तंबाकू का धुआं सांस की नली और फेफड़ों में कोरोना वायरस को ग्रहण करने की क्षमता को बढ़ा देता है। ऐसे में धूम्रपान करने वाले ब्यक्तियों में कोरोना होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। इसी तरह किसी भी तरह का धूम्रपान करने वाले लोगों को अगर कोरोना होता है तो उन्हें वैंटिलेटर पर लेने या उनकी मौत की आशंका 80% ज्यादा होती है। बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट अर्थात कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य मुरली बताते हैं कि हाल में हुई शोध से पता चलता है कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में कोरोना के साथ गंभीर बीमारी होने की आशंका काफी ज्यादा होती है। कोरोना वायरस खास तौर पर फेफड़ों पर हमला करता है और धूम्रपान फेफड़ों को कमजोर करता है।

तंबाकू का सेवन या इसका किसी भी रूप में इस्तेमाल करने से एक नहीं, बल्कि कई तरह की जानलेवा बीमारियां होने का खतरा बना रहता है. इनमें फेफड़े का कैंसर, यकृत कैंसर, मुंह का कैंसर, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, हृदय रोग, कोलन कैंसर, गर्भाशय का कैंसर जैसी कई और गंभीर बीमारियां शामिल हैं |

विश्व भर में तकरीबन 80 फीसदी पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं लेकिन आधुनिकता के नशे में महिलाओं की संख्या भी काफी बढ़ रही है|

दुनियाभर में धूम्रपान करने वालों में लगभग 10 फीसदी लोग भारत में हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में लगभग 125 देश तंबाकू का उत्पादन करते हैं.

तंबाकू निर्यात के मामले में भारत छठे नंबर पर है,बाकी पांच देशों में ब्राजील, चीन, अमेरिका, मलावी और इटली शामिल हैं.

बाक़ी देशों के  मुक़ाबले भारत में तंबाकू से होने वाली बीमारियों से मरने वाले लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है.

धूम्रपान न करने के बावजूद उसके धुंए का सामना करने से हृदय और मस्तिष्क की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है

धूम्रपान से बचने के लिए हर स्‍तर पर प्रयास करें. उदाहरण के लिए अगर आपको अखबार पढ़ते समय धूम्रपान की आदत रही है, तो इसके बजाय हाथ में एक कलम पकड़ने की आदत डाल सकते हैं. इससे बचने के लिए खुद को हर समय व्यस्त रखने की कोशिश करें और धीरे धीरे करके इस आदत से छुटकारा पाने का प्रयास करें.