वन महोत्सव पहल लगाए 11 दिनो में 5068 पेड़

वन महोत्सव पहल लगाए 11 दिनो में 5068 पेड़

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

डालमिया भारत ने वन महोत्सव समारोह पहल के माध्यम से अपने पर्यावरण प्रबंधन की पुष्टि की डालमिया सीमेंट, राजगांगपुर ने अपने संयंत्र एवं इसके आस-पास अंचल के गांव में 1500 पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश ।

डालमिया भारत लिमिटेड (डीबीएल) अपनी सामाजिक दायित्व विभाग (सी.एस.आर) की शाखा डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) के माध्यम से वार्षिक वृक्षारोपण के उत्सव (वन महोत्सव) में अपनी भागीदारी से पर्यावरण प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है। वन संरक्षण और पर्यावरण को बचाने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह वन महोत्सव संयंत्र द्वारा एक सप्ताह की अवधि में मनाया गया l इस दौरान संयंत्र ने अपनी सभी इकाइयों,आवासीय टाउनशिप और विद्यालय परिसर में 1500 पौधे लगाए ताकि आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाया जा सके।

वन महोत्सव के दौरान संयंत्र ने राजगांगपुर में स्थित तीन दशक पुराने, 3.8 एकड़ के कचरा डंपिंग यार्ड को सफाई कर किष्किंधा वन के नाम से उद्घाटित किया गया l इस समारोह में वरिष्ठ कार्यनिर्वाही निदेशक एवं डालमिया सीमेंट भारत लिमिटेड के राष्ट्रीय विनिर्माण प्रमुख गणेश डब्ल्यू जिरकुंटवार मुख्य अतिथि के रूप में उपथित थे l इस वन में जैविक सब्जी,आम,अमरूद,साइट्रस, केला जैसे फलों के साथ-साथ औषधीय गुणों वाली जड़ी-बूटियां भी उगाई जाएँगी l इसके अलावा किष्किंधा वन में एक 30 फुट का कुआं भी शामिल है जिसका उपयोग जैविक सब्जी / फलों के बागानों की सिंचाई के लिए किया जाएगा।  एक एकड़ भूमि पर फलों के पौधे लगाए जाएंगे, अन्य 0.8 एकड़ का उपयोग सड़क, रास्ते, नालों और तालाबों के लिए किया जाएगा और शेष 2 एकड़ में जैविक सब्जी की खेती की जाएगी। कुल मिलाकर 500 पौधे किष्किंधा वन के 15378.6 वर्गमीटर क्षेत्र में लगाए जाएंगे।

वन महोत्सव के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए, संयंत्र की सी.एस.आर और आर एंड आर टीम ने स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया और एक हरित समाज के लिए इस नेक पहल को जारी रखने के लिए पौधे वितरित किए। इसके अलावा डालमिया सीमेंट भारत लिमिटेड ने कटंग के चौकीदारपारा गांव को नींबू, लीची, काजू और नारियल आदि पौधे भी उपलब्ध कराए हैं l दो स्कूलों के छात्रों, शिक्षकों और एस.डी महिला कॉलेज, राजगांगपुर की एनसीसी स्काउट्स - गाइड, रेड क्रॉस, एनएसएस यूनिट और प्रोफेसरों ने भी स्थानीय निवासियों और समुदाय के लोगों के साथ सप्ताह भर चलने वाले वृक्षारोपण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में भाग लिया।

वन महोत्सव के बारे में बोलते हुए, गणेश डब्ल्यू जिरकुंटवार, ने कहा, “हम एक बेहतर कल के लिए एक स्थायी भविष्य में विश्वास करते हैं और यह केवल संभव हो सकता है जब हम पर्यावरण प्रबंधन के साझा उद्देश्य में भाग लेना जारी रखते हैं। पिछले कई वर्षों में, हमारी कंपनी ने राजगांगपुर, लांजीबरना और उसके आसपास के गांवों में पौधारोपण कर एक हरा-भरा जंगल बनाने में सफल रही है। राज्य के बागवानी विभाग की मदद से, हम अपने अभियान का विस्तार करना चाहते हैं और पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण के बारे में जागरूकता पैदा कर रहे हैं।”

मालूम हो की हाल के दिनों में, डीबीएल ने राजगांगपुर एवं इसके आसपास के अंचल और लांजीबरना खदान के क्षेत्र में लगभग 33,000 पेड़ लगाए हैं। दिसंबर 2021 से जनवरी 2022 के बीच लाइन 3 यूनिट और लांजीबरना खदान के क्षेत्र में कुल 14000 पेड़ लगाए गए, जबकि मार्च 2022 में आवासीय टाउनशिप और संयंत्र के  फैसिलिटी एरिया में 11 दिनों के रिकॉर्ड समय में 5068 पेड़ लगाए गए।