राजगांगपुर नगरपालिका में थमता नहीं दिख रहा है टेंडर मुद्दा
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर नगरपालिका सभा कक्ष में शनिवार को आठवीं जरूरी बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता नगरपाल माधुरी लुगून ने की,साथ में सुंदरगढ़ डूडा के परियोजना निदेशक ललित सोरंग भी मौजूद थे। बैठक के एजेंडे में दो मुख्य बिंदु थे. पहला 25 अगस्त को टैंडर नंबर चार के रद्द होने के बाद नये सर्वे के अनुसार राज्य सरकार द्वारा नयी परियोजना के अनुसार शहर की कच्ची सड़कों पर फेवर ब्लॉक लगाना, जिस पर अभियंता द्वारा वार्ड के अनुसार तैयार सूची के मुताबिक कार्य करने के लिए सर्वसम्मति से अनुदान किया गया. लेकिन जैसा की अनुमान लगाया जा रहा था कि 1.49 करोड़ की लागत से 20 जुलाई, 2023 को निकले टेंडर को रद्द किया जायेगा। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
नगरपाल ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने से मना करते हुए दो टूक शब्दों मैं टेंडर को रद्द करने से मना कर बैठक छोड़कर निकल गयीं, जिसके बाद पार्षद असंतुष्ट और नाराज नजर आये तथा शाम पांच बजे नगरपालिका कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने नगरपाल तथा कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। असंतुष्ट पार्षदों ने मीडिया को बताया कि 13 पार्षद यह चाहते हैं की गलत तरीके से बिना रिजॉल्यूशन के नगरपाल तथा कार्यकारी अधिकारी की मिलीभगत से टेंडर निकाले जा रहे हैं जिसका सबूत है कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर (डूडा) ने चार नंबर टेंडर को रद्द किया था। तीन नंबर टेंडर पर परिषद की बैठक बुला सबकी राय से इस पर निर्णय लेने की बात कही गई थी जो नही हुआ।जिसको लेकर पार्षद नगरपालिका कार्यालय के बाहर नारेवजी करते दिखे।
पार्षदों ने जिलापाल से मांगा मिलने का समय
नाराज पार्षदों ने एक बार फिर से जिलापाल से मिलने का समय मांगा है तथा अगर वहां से न्याय नहीं मिलता है तो एक बार फिर से आंदोलन करने तथा पूरे मामले को जनता के बीच ले जाने की बात कही है. बैठक में कार्यकारी अधिकारी गोविंद डनसेना, उप नगरपाल मो इरफान सहित अन्य 18 पार्षद उपस्थित थे।न
गरपाल ने कहा- टेंडर निकालने में कोई गलती नहीं हुई है, जो पूछना है जिलापाल से पूछें
टेंडर नहीं रद्द करने के अपने फैसले को सही बताते हुए नगरपाल ने आज कहा कि 1.49 करोड़ की लागत से होने वाले ये दोनों कार्य 5टी सचिव की अनुसंशा पर किये गये हैं. इस पर परिषद की बैठक में चर्चा कर पास किया गया था. किसी तकनीकी भूल के कारण हो सकता है रिजॉल्यूशन में नोट नहीं हो पाया होगा. टेडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है ऐसे में इसे रद्द करना संभव नहीं है. यह पूछने पर कि क्या 5टी सचिव द्वारा अनुमोदित कार्यों को बिना परिषद की बैठक में चर्चा किये काम करना नियमानुसार है. उन्होंने यह सवाल जिलापाल से करने को कहा।
अब देखना यह होगा कि 13 पार्षदों के विरोध के बाद टेंडर प्रक्रिया रद्द होती है या इसी टेंडर पर काम होगा।





