राजगांगपुर में वर्चुअल क्लिनिक का शुभारंभ
रामप्रवेश चौधरी(संपादक)
डालमिया सीमेंट, राजगांगपुर ने अपने कर्मचारियों के लिए वर्चुअल बह्यरोगी (र्ओपीडी) क्लिनिक का आरंभ किया।
कोरोना वायरस "कोविड-19 " महामारी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करते हुए डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड (डीसीबीएल) ने राजगांगपुर में अपने कर्मचारियों के लिए एक वर्चुअल आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) शुरू किया है। ऑनलाइन डॉक्टर- टू-पेशेंट ओपीडी सेवा महामारी से प्रभावित कर्मचारियों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है। दोनों, हलके और गंभीर लक्षणों वाले कोविड रोगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टर से जुड़ सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के लिए चिकित्सा उपचार और सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
वर्चुअल ओपीडी सेवा डीसीबीएल राजगांगपुर संयंत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य क्लिनिक, स्पंदन में पहले से दी जा रही चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त है। इम्युनिटी और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारी अब संयंत्र के वर्चुअल योग सत्र में भी शामिल हो सकते हैं, जो दिन में दो बार निर्धारित है।
डीसीबीएल के कार्यनिर्वाही निदेशक व राजगंगपुर इकाई मुख्य (यूनिट हेड), श्री चेतन श्रीवास्तव ने कहा, "महामारी के नतीजों को देखते हुए, हमने सहज एवं सहयोगात्मक रूप से काम करने का फैसला किया ताकि कर्मचारियों की भलाई को प्राथमिकता दी जा सके। "हमारी अभिनव और नागरिक केंद्रित पहलों के माध्यम से हम कार्यस्थल और अपने परिवेश को एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
आस-पास के गांवों में अपने 5000 से अधिक कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, संयंत्र के कोविड टास्कफोर्स और सोशल मीडिया समूह महामारी से संबंधित गतिविधियों की अधिक बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। संयंत्र अपनी सभी इकाइयों,आवासीय टाउनशिप, पार्किंग यार्ड, ट्रांसपोर्ट कार्यालय,चालक विश्राम कक्ष और इसके आस-पास के परिसर को दमकल गाड़ी के जरिए नियमित सेनिटाइजेशन कर रहा है l।
श्री श्रीवास्तव ने आगे कहा, "हमें विश्वास है कि, हमारे प्रयासों के माध्यम से, राजगांगपुर में डालमिया सीमेंट परिवार के साथ-साथ हमारे पड़ोसी समुदाय भी इस चुनौतीपूर्ण समय से लड़ने में सक्षम होंगे और अधिक मजबूत बनेंगे।"
महामारी से निपटने और कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए संयंत्र ने अपने कुछ एहतियाती कदमों को कड़ा कर रखा है और सुरक्षा के सख्त मानदंडों का पालन कर रहा है । सुरक्षा उपायों के बावजूद, अगर किसी को खांसी, बुखार, गले में दर्द आदि लक्षण दिखाई देते हैं या सांस लेने की समस्या होती है, तो उस कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य को तुरंत कंपनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्पंदन से चिकित्सा सलाह लेने और डॉक्टर की सिफारिश के बाद राजगांगपुर सरकारी अस्पताल में आरटीपीसीआर टेस्ट करने केलिए निर्देश दी गई है। कर्मचारी जो कोविद 19 परिक्षण दिए हैं रिपोर्ट आने तक उनको घर पे आईसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है वहीँ गंभीर लक्षणों वाले कोरोना पॉजिटिव मामलों को स्थानीय प्रशासन से आलोचना के बाद सुंदरगढ़ और राउरकेला के सरकारी कोविड अस्पतालों में स्थानांतरित करने की सुविधा भी की गई है। राज्य के बाहर या अंदर से कोई भी व्यक्ति आ रहा है उसे 7 दिन के लिए आइसोलेशन में रहना होगा और पॉजिटिव पाए जाने पर गाइडलाइन के अनुसार उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई है । कंपनी ने सभी गेटों पर स्कैनिंग बढ़ा दी है ताकि बाहरी लोगों को संयंत्र परिसर में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया जा सके । राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कोविद -19 सुरक्षा के सख्त मानदंडों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया गया है की कर्मचारियों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े, और अति आवश्यक वस्तुवें जैसे किराना सामान, फल, सब्जियां, दूध और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। पार्किंग यार्ड से ग्रॉस वेट ब्रिज तक ट्रक का पेपरलेस मूवमेंट कर दिया गया है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टरों, पर्यवेक्षकों, प्लांट के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य की स्थिति की दैनिक ट्रैकिंग की जा रही है। संयंत्र के अनुभाग प्रभारियों को आदेश दिया गया है की वे अपने टीम के साथ निरंतर वार्तालाप कर उनका मनोबल बढ़ाएं और किसीभी तरह की घबराहट को फैलने ना दें। कंपनी यह भी सुनिश्चित कर रही है कि आवासीय क्षेत्रों, कार्यालय के साथ साथ संयंत्र के विभिन्न जगहों और सामान्य स्थानों पर सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन किया जाये । अगर किसी को बिना मास्क के देखा जाता है या सामाजिक गड़बड़ी और हाथ की सफाई के तरीकों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो कड़ी कारवाही किये जाने की आदेश जारी है l





