योजना स्वीकृत होने के बावजूद पानी के लिए तरसते लोग
अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ)
आरडब्लूएसएस (RWSS) कार्यालय में एक भी अधिकारी नहीं है,अंचलवासी जल संकट की शिकायत करे तो किससे।
राज्य सरकार की अंगुल जिले की ग्रामीण जलापूर्ति एवं स्वच्छता इकाई तलचेर (आरडब्ल्यूएसएस) में एसडीओ और कार्यपालक अभियंता की कमी के कारण जब जल संकट विकट हो गया है तो स्थानीय लोग किसकी शिकायत किससे करेंगे? यहां डेढ़ साल से तैनात एसडीओ विजिलेंस के जाल में फंसने और कार्यपालक अभियंता के सेवानिवृत्त होने के बाद दोनों ही पद रिक्त है।यह पद अब तक नहीं भरा जा सका है। नतीजा यह होता है कि स्थानीय लोग जब एसडीओ व कार्यपालन यंत्री की कमी की शिकायत करने जाते हैं तो निराश होकर लौट जाते हैं। कार्यपालक अधिकारी के बिना कार्यालय भगवान भरोसे ही चल रहा है। क्योंकि अधिकांश अनुभाग अधिकारी और अन्य कर्मचारी अनुपस्थित हैं। तालचेर अनुमंडल के तालचेर और कनिहा प्रखंडों के 47 गांवों में रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों को भीषण गर्मी के कारण पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
इस संदर्भ में जहां सरकार लोगों को गर्मी और सूखे से बचाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी उपाय कर रही है, वहीं उपखंड़ पंचायतो के ग्रामीण पानी की कमी की शिकायत किससे करेंगे। यह सही है कि अधिकांश पंचायतो में जलापूर्ति के लिए सूश्क मेगा जलापूर्ति परियोजनाएं खड़ी हो गई हैं लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण कई अपवाद भी हैं। तालचेर के लोग आज भी अपने परिवार के लोगों की प्यास बुझाने के लिए दूर की नदियों, नहरों, कुओं, का सहारा ले रहे है।
तालचेर में कोयला खनन क्षेत्र की परिधि में स्थित कुएँ, नहरें, तालाब आदि सूखे पड़े हैं। औद्योगीकरण के कारण ब्राह्मणी नदी आज सूखी है। उद्योगों में जलापूर्ति के लिए नदीयो को मोड़ दिया गया है। आरोप है कि एक ओर जहाँ तालचेर वासी एक बाल्टी पानी के लिए तरस रहे है। वही स्थानीय नेता समाल बैराज पर बने स्टोरेज से पानी मंगवा रहे। ताकि सरकारी व निजी उपक्रमों में पानी की कमी न हो।
सन् 2018 में पानी की कमी को देखते हुए एलएनटी कंपनी को कंचल, ब्रजनाथपुर, घंटापाड़ा, हेनसामुल पंचायत के 31 गांवों में पेयजल आपूर्ति का ठेका दिया गया था और इसकी अवधि 2022 तक थी। लेकिन अप्रैल 2023 होने के बावजूद कंपनी पाइप बिछाने का काम पूरा नहीं कर पाई। इसी तरह तालचेर, पल्लहड़ा, कनिहा के हर गांव में करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से अंचल वासियों के लिए पेयजल आपूर्ति का इंतजाम करना था। , लेकिन अब तक पाइप कनेक्शन नहीं हो सका, क्योंकि इस कार्य को देखरेख करने वाला कोई मौजूद नहीं है।





