बिजली आपूर्ति बाधित होने से त्रस्त अयोध्या

बिजली आपूर्ति बाधित होने से त्रस्त अयोध्या

धर्मेंद्र कुमार सिंह (रिपोर्टर)

रामनगरी अयोध्या में बिजली संकट: 11 नंबर वीआईपी गेट अंधेरे में डूबा, अधिकारी फोन नहीं उठा रहे है।।

अयोध्या। धार्मिक नगरी अयोध्या एक बार फिर से बिजली संकट की चपेट में है। सोमवार रात 3 बजे से शहर के 11 नंबर वीआईपी गेट से संपर्क मार्ग गेट नम्बर 3 इलाके में लगातार बिजली गुल रही है, जिससे आमजन के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिम्मेदार विद्युत विभाग के आला अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं।

 स्थानीय निवासियों के अनुसार, बीती रात 16/5 /2025 लगभग __3:00_ बजे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जो लाइट बहाल नहीं हो सकी थी। क्षेत्रवासियों ने कई बार अधिशासी अभियंता व स्थानीय जेई से संपर्क करने की कोशिश की, मगर सभी प्रयास व्यर्थ रहे।
जनता में आक्रोश देखने को मिला जो कि बिजली संकट के कारण गर्मी और उमस से लोग बेहाल हैं। लगातार हो रही बिजली कटौती ने न सिर्फ घरेलू जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा हो रही है। रामलला दर्शन को आने वाले श्रद्धालु अंधेरे में रास्ता ढूंढते नजर आए।
 प्रशासन मौन, तकनीकी कारण या लापरवाही? इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारी स्पष्ट कारण बताने से बचते नजर आ रहे हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि ट्रांसफार्मर या फीडर में तकनीकी खराबी हो सकती है, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है, जो यह समस्या हमेशा बनी रहती हैआला अधिकारी नहीं उठाते हैं फोन नहीं मिलता है,बिजली विभाग का नम्बर हमेशा बंद आता है जो की यह समस्या 25 दिन से हो रहा है।
 क्या कहते हैं लोग रामनगरी में जहां वीआईपी ज़ोन के नाम पर दावा किया जाता है, वहां घंटों बिजली गुल और अधिकारी गायब हैं, यह शर्मनाक है," — एक स्थानीय निवासी ने गुस्से में कहा।
 कि अगर हम लोगो कि समस्या का समाधान जल्द  हो निवासियों ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और जिलाधिकारी से मांग की है कि ऐसे ज़िलों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जवाबदेही तय हो। साथ ही जनता ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वह धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाएंगे।
 और यह जांच का विषय है कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं सी यू जी नंबर भी बंद आते हैं आम जनमानस ने प्रशासन से अपील की हमारी समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।