प्राथमिक विद्यालय चमरहिया में धूमधाम से संपन्न हुई सरस्वती पूजा
प्राथमिक विद्यालय चमरहिया, हर्रैया, बस्ती में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती पूजा आयोजित किया गया। इस अवसर पर सर्व प्रथम वाग्देवी माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया। सरस्वती पूजा के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानाध्यापिका भारती शुक्ला ने कहा कि वैदिक काल से शिक्षा, ज्ञान,संगीत और कलाकी अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की आराधना की जाती है। माँ सरस्वती की पूजा सभी देवता भी करते हैं। शिक्षा भारत में एक संस्कार है। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग माँ सरस्वती की आराधना से अपना काम प्रारंभ करते हैं। सरस्वती पूजा के लिए पीले पुष्पों तथा पीले वस्त्र का उपयोग किया जाता है। पवित्र नदियों में स्नान और दान का महत्व है। तीर्थ राज प्रयागराज में बसंत पंचमी के दिन अमृत स्नान किया जाता है। बसंत पंचमी से चारों ओर सरसों के फूल, आम के बौर वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं। इस अवसर पर काव्या, नेहा, निधि, अंबिका, पलक ने संस्कृत सरस्वती वंदना या कुंदेंदु तुषार हार धवला की संगीत मय और भावपूर्ण प्रस्तुति दी। रिया, छवि, रितिका, प्रिया, आराध्या, माही ने हे शारदे माँ गीत प्रस्तुत किया। हे शारदे तव संनिकटे, अहं पठामि, वयं पठाम:। संस्कृत वंदना प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सहायक अध्यापक सुरभि पटेल ने कार्य क्रम का संचालन किया। छात्र छात्राओं के साथ रसोइया कौशिल्या, उर्मिला और अभिभावकों ने सहभागिता किया।





