तालचेर में कोयला खदानो को बंद करने की मांग तेज होने लगी
अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ)
ग्रामीणों ने एमसीएल के कोयला गड्ढों को तत्काल बंद करने और स्थानांतरित करने की मांग की।
तालचेर में कोयला उत्पादन की अग्रणी कंपनी महानदी कोल फिल्ड़ कंपनी ने महेंद्रपुर क्षेत्र में भरतपुरु कोयला खदान के आरएलएस (रैपिड लोडिंग सिस्टम) के बहुत करीब आवासीय भूमि प्रदान की है, जहां 20 साल पहले पद्मावतीपुर के ग्रामीणों को कोयला खनन के लिए बेदखल कर दिया गया था।
यहाँ कोयले की मात्रा हवा के साथ वातावरण में उड़ रही है और लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है,इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। कोयला लदान के दौरान पानी छिड़काव का नियम हैं।लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है। हर दिन भरतपुर खदान के कोल हैंडलिंग प्लांट से कोयले को कन्वेयर द्वारा आरएलएस तक पहुँचाया जाता है, जिसकी ऊँचाई 100 फिट है। इस उँचाई को रेल वैगनों में द्वारा तय किया जाता है, जिसके बाद इसे नालको भेजा जाता है। यह प्रक्रिया दिन-रात चलती रहती है,जिससे पद्मावतीपुर, कर्णपुर, बड़ जोरोडल, किलिंग कॉलोनी, डीएवी स्कूल,आदी क्षेत्रों के लोग प्रभावित हो रहे है। जबकि इस समस्या पर परियोजना अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासी परेशान हैं !





