तालचेर में असुरक्षित मासूम बच्चे

तालचेर में असुरक्षित मासूम बच्चे

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

काला सोना का शहर के नाम से प्रसिद्ध ओड़िशा का तालचेर शहर में कई कोयला खाने है। इन कोयला खानो में आठो पहर भारी यान वाहन,मशीनो द्वारा कार्य किया जाता है। ऐसे स्थानो में सुरक्षा मानको की अनदेखी या लापरवाही से अक्सर दुर्घटनाये हो जाती है। 
एक ऐसी ही तस्वीर हमारे हाथ लगी है जिसमें तालचेर के लिंगराज कोयला खान में टाईम कार्यालय के सामने भारी यान (जेसीबी, हाइवा) के बीच कुछ कोमल बच्चे खेलते नजर आ रहे है।
यहाँ प्रश्न उठाना गलत ना होगा कि ये बच्चे इस जगह तक कैसे पहुँचे। इस क्षेत्र की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मी,टाइम कार्यालय में तैनात सुरक्षाकर्मी, सुरक्षा अधिकारी,कार्यालय प्रबंधन, खान प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरे इत्यादि में से क्या किसी ने बच्चो के समूह को इस जगह की तरफ आते नही देखा। या लापरवाही बस आने दिया गया। 
ऐसे में यदि बच्चों के साथ खेल खेल में कोई अनहोनी हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। 
कोयला खानो ने इनकी पुर्वजों की जमीन छीन ली, विकास कार्यो ने बच्चों के खेलने के लिए प्रांगण छीन लिए, तो बच्चे खेलने कूदने कहाँ जाए। वैसे भी बच्चों को गाड़ी, रेलगाडी, देखने का काफी शौक होता है और खेलने के लिए ठेला-पत्थर,गीट्टी,कंकड़ या खेलने लायक चीजे इक्ट्ठा करने का काफी शौक होता है। संभवतः बच्चे अपनी शौक पूरा करने के लिए लिंगराज खान के टाइम कार्यालय तक पहुंच गए होगे।