डालमियाँ सीमेंट ने इस तरह किया महिलाओ का सम्मान
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
डालमिया सीमेंट भारत लिमिटेड ने राजगांगपुर में कई पहलों के साथ मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस!
डालमियां सीमेंट की राजगांगपुर इकाई लैंगिक समानता पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसके तहत महिला नेतृत्व टीम का परिचय देते हुए फायर बर्ड्स@आरजीपी नामक महिला टीम का गठन किया है l
डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड (डीसीबीएल) भारत के अग्रणी सीमेंट निर्माताओं में से एक है।
समावेशी वातावरण को प्रोत्साहित करने, निष्पक्ष और विविध कार्यबल को बढ़ावा देने और अपनी कई पहलों के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए राजगांगपुर संयंत्र एवं इसके आसपास के समुदायों में अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है।
संयंत्र ने हाल ही में राजगांगपुर इकाई की महिला सशक्तिकरण पहल को आगे बढ़ाने के लिए इंजीनियरिंग, गुणवत्ता आश्वासन, वित्त विभाग, मानव संसाधन, खनिज, सीएसआर, और स्थानांतरगमन एवं पुनर्वास (आर एंड आर) विभाग सहित विभिन्न भूमिकाओं और विभागों में महिला पेशेवरों की एक टीम बनाई है। इस टीम को 'फायर बर्ड्स@आरजीपी' कहा जाता है और विकास-उन्मुख लोकाचार सुनिश्चित करने के लिए डीसीबीएल की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालता है।
"फायर बर्ड्स@आरजीपी' का मुख्य विचार के बारे में बताते हुए डीसीबीएल के कार्यनिर्वाही निदेशक व राजगंगपुर के यूनिट हेड, चेतन श्रीवास्तवजी कहते हैं की सभी महिलाओं में क्षमता, योग्यता और ज्वलंत महत्वाकांक्षा होती है जिसे 'फायर' शब्द द्वारा दर्शाया जाता है। 'बर्ड' शब्द का अर्थ है कि वे डालमिया सीमेंट के नीले आकाश में उद्यम करने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए स्वतंत्र हैं!
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संयंत्र के इकाई प्रमुख और वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा फायर बर्ड्स@आरजीपी टीम को उनके संबंधित डोमेन में अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित किये जाने के साथ रात्रिभोज भी कराया गया l
सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए चेतन श्रीवास्तव ने कहा, "हम एक समावेशी और विविध कार्यबल के सशक्तिकरण में विश्वास करते हैं और यह सुनिश्चित करने की दिशा में अपने प्रयासों को बढ़ा रहे हैं कि राजगांगपुर के सभी लोग, चाहे वह हमारे कर्मचारी हों, हमारे सहयोगी हों या हमारे समुदाय, सभी इन प्रयासों से लाभान्वित हों,"।.
"हमारी कई पहलों के माध्यम से, हमें विश्वास है कि हम अपनी सुविधा और समुदाय को विशेष रूप से महिलाओं के लिए काम करने और रहने के लिए एक बेहतर और सुरक्षित जगह बनाने में सक्षम होंगे। हमारा लक्ष्य इस इकाई को सबसे अधिक महिला हितैषी इकाई बनाना है। हम अपने काम की नैतिकता और टिकाऊ व्यावसायिक प्रथाओं से समझौता किए बिना लैंगिक समानता को प्राथमिकता देने के लिए अपने आस-पास के सभी लोगों के सहयोग की आशा करते हैं। ”
डीसीबीएल ने भी पहली बार एक महिला चिकित्सा अधिकारी (एमओ) नियुक्त किया है, इससे राजगांगपुर संयंत्र के आवासीय टाउनशिप और कंपनी में कार्यरथ 3000 से अधिक महिला कर्मचारियों को लाभ होगा।

महिला दिवस के दिन, संयंत्र परिसर में एक शिशु गृह का भी उद्घाटन श्रीमती सुशीला भट्टाचार्जी, एक हाउसकीपिंग स्टाफ के हाथों से रिबन खोल कर किया गया l यह सुविधा महिला कार्यबल और उनके बच्चों को सहायता प्रदान करेगी।
महिला सशक्तिकरण के लिए पूरा महीना समर्पित करते हुए सीमेंट मिल सेक्शन में कार्यरत मिस बिराजिनी एक्का ने गर्व से राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का झंडा फहराया और 4 मार्च 2022 को 51वें राष्ट्रीय सुरक्षा माह के उद्घाटन समारोह के दौरान इकाई प्रमुख और कामगारों के उपस्थिति में सुरक्षा प्रतिज्ञा का नेतृत्व किया।

संयंत्र में एक विशेष महिला क्रिकेट टूर्नामेंट का भी आयोजन किया गया था जिसमें जमीनी स्तर से लेकर वरिष्ठ नेतृत्व तक महिला पेशेवरों और परिवार के सदस्यों सहित 44 सदस्यों वाली चार टीमें बनाई गई थीं। दो दिवसीय टूर्नामेंट में महिलाओं के बीच फिटनेस और बहुत अधिक आराम और विश्राम पर ध्यान केंद्रित किया गया। कॉलोनी के स्टेडियम में मैचों का आयोजन किया गया था और आसपास के लोगों ने इसका खूब लुप्त उठाया और सराहा।
अन्य पहलों के अलावा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पीओएसएच) के बारे में जागरूकता पैदा की गई, जिसमें पूरे कारखाने में पोस्टर लगाए गए और महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध डिजिटल ऐप से उन्हें परिचित कराया गया। इसके अलावा, महिलाओं और लड़कियों के लिए डालमिया विद्या मंदिर (डीवीएम) में शीघ्र ही आत्मरक्षा प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। पूरे संयंत्र में महिला शौचालयों में सेनेटरी डिस्पेंसिंग मशीन और सैनिटरी इंसीनरेटर भी लगाए जाने की योजना है।
झगरपुर स्थित डालमिया आईटीआई (डीआईटीआई) शिल्प प्रशिक्षण केंद्र में भी छात्राओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया l

डीसीबीएल के राजगांगपुर प्लांट द्वारा महिला दिवस मनाने के लिए राजगांगपुर और लांजीबर्ना में और उसके आसपास कई सीएसआर पहलों की योजना बनाई गई है:
• पड़ोस के समुदायों की महिलाओं के साथ खेल आयोजन - आसपास के लांजीबर्ना खानों में रहने वाली महिलाओं और लड़कियों की छिपी प्रतिभा को उजागर करने की एक पहल है l
•लांजीबर्ना खान की महिलाओं और किशोरियों के लिए स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों के साथ रंगोली, गीत और खाना पकाने की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
• सांस्कृतिक गतिविधियां, एसएचजी स्टॉल, सर्वश्रेष्ठ एसएचजी उद्यमियों द्वारा अनुभव साझा करने की भी योजना है l
• शांति अनाथालय, रानीबंध में महिला दिवस समारोह के दौरान महिला अधिकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में जागरूक किया गया l
• एसडी महिला महाविद्यालय में सैनिटरी नैपकिन डिस्पोजल मशीन की स्थापना एवं उद्घाटन किय गया l
• आजीविका कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत स्थानीय महिलाओं को नए कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। और, लांजीबर्ना माइंस में हाल ही में लॉन्च किए गए दीक्षा केंद्र में देखा गया कि कुल प्रशिक्षुओं में से 70% महिलाएं विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।





