डकैती की घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपी चंद घंटो में गिरफ्तार
रतनपुर में आधी रात डकैती की वारदात तीन नाबालिग समेत पांच आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार
बिलासपुर। रतनपुर के महामाया चौक में आधी रात डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने घटना के चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दो बालिग और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1000 रुपये नगद और वारदात में प्रयुक्त ऑटो जब्त किया है। पुलिस के अनुसार ग्राम कर्रा निवासी युवराज सिंह प्रधान ने 17 अगस्त 2026 को थाना रतनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि वह इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर आया था। इलाज कराने के बाद रात करीब 12 बजे वापस अपने घर जा रहा था। इसी दौरान महामाया चौक स्थित कृष्णा ट्रेडर्स के पास ऑटो क्रमांक सीजी 10 सीडी 7944 में सवार कुछ युवक पहुंचे। आरोप है कि ऑटो सवार युवकों ने प्रार्थी को रोककर गाली-गलौज करते हुए पैसों की मांग की। जब युवराज सिंह ने पैसे नहीं होने की बात कही तो आरोपियों ने हाथ में रखे डंडे का भय दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी और उसकी पेंट की जेब से 1200 रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी रतनपुर निरीक्षक निलेश पाण्डेय ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर रतनपुर पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल ऑटो की तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को ऑटो सवार युवकों के ईमलीभाठा, सरकंडा क्षेत्र के होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्धों के घरों में घेराबंदी कर राहुल दुबे पिता रामजी दुबे, उम्र 25 वर्ष, निवासी ईमलीभाठा सरकंडा तथा पवन कुमार गौहर पिता कगरधारी गौहर, उम्र 19 वर्ष, निवासी ईमलीभाठा सरकंडा सहित तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने लूटपाट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उनके कब्जे से 1000 रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त ऑटो जब्त किया गया। पुलिस ने आरोपियों एवं विधि से संघर्षरत बालकों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक नीलाकर सेठ, आरक्षक आकाश डोंगरे, धीरज कश्यप, देवानंद चन्द्राकर, बसंत मानिकपुरी, हरनारायण नेटी, मोरध्वज चन्द्रा और धनराज कुम्भकार का विशेष योगदान रहा।





