जबाबी हमले में मारे गए तीन इनामी नक्सली

जबाबी हमले में मारे गए तीन इनामी नक्सली

 बस्तर संभाग अंतर्गत विगत महीनों से प्रभावी नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत माड़ से नक्सलवाद का सफाया करने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस के द्वारा विगत महिने से नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाव’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बरसात में भारी बारीश के बीच उफनते नदी-नालों को पार कर सुरक्षा बलों ने 05 दिन का एक सफल अभियान चलाया। दिनांक 22.09.2024 को जिला नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्रान्तर्गत माड़ डिवीजन केे बड़े कैडर के माओवादियों की उपस्थिति की आसूचना पर संयुक्त बल रवाना किया गया था। 

पुलिस को अबुझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की आसूचना प्राप्त हुई थी। उक्त सूचना के तस्दीकी हेतु दिनांक 22.09.2024 को नारायणपुर डीआरजी, कोण्डागांव डीआरजी, दन्तेवाड़ा डीआरजी, एसटीएफ तथा बीएसएफ 11वीं, 133वी, 135वीं वाहिनी का संयुक्त बल नक्सल विरोधी अभियान हेतु उक्त क्षेत्र में रवाना हुई थी। 

 अभियान के दौरान दिनांक 23.09.2024 को शाम करीबन 04:00 बजे से माड़ डिवीजन क्षेत्रान्तर्गत जिला नारायणपुर-महाराष्ट्र सीमावर्ती क्षेत्र परादी के जंगल में माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलो को जान से मारने व हथियार लूटने की नियत से अंधाधुंध फायरिंग किया गया ।
 
पुलिस दल द्वारा तत्काल पोजीशन लेकर आत्मसमर्पण हेतु आवाज दिया गया आत्मसमर्पण की बात को नक्सलियों के द्वारा अनसुना करते हुए और अधिक मात्रा में गोलियां बरसाने लगे। पुलिस पार्टी के पास आत्मसुरक्षार्थ गोली चलाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं होने पर सुरक्षा बलों द्वारा मौके पर पोजिशन लेकर जवाबी फायरिंग किया गया इसके बाद रूक-रूक कर अलग-अलग टीमों के साथ लगातार मुठभेड़ हुआ। बाद खुद को घिरता देखकर नक्सली जान बचाकर घने जंगलो व पहाड़ियों की आड़ लेकर भाग गये। 

गोलीबारी बंद होने पर सभी टीमों द्वारा अपने-अपने दिये गये टॉस्क क्षेत्र में सर्चिंग करने पर घटना स्थल के अलग-अलग स्थानों से 02 पुरूष एवं 01 महिला कुल 03 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादी का शव तथा शव के पास से AK-47 रायफल 01 नग, INSAS  01 नग, SLR 02  नग, CARBINE 02 नग, .303 राइफल 01 नग, 12 बोर बंदुक 01 नग, एसएलआर मैगजीन 02 नग, कारतूस 16 नग, एके 47 मैगजीन 01 नग, 303 मैगजीन 01 नग, कारतूस 05 नग, 12 बोर कारतूस 11 नग, 315 कारतूस 07 नग, पोंच 06 नग,  सिंगल शाट 02 नग, बी जी एल लांचर राइफल 01 नग, 75 नग सेल, 51 मोटर सेल 20 नग, AK 47 खाली केश लगभग 1500 नग, भारी मात्रा मे आयरन पाइप सहित विस्फोटक पदार्थ एव  अन्य नक्सली दैनिक उपयोगी सामान बरामद हुआ। 

 बड़ी संख्या में आटोमेटिक हथियारों की बरामदगी भी इस ऑपरेशन की एक ऐतिहासिक सफलता है  घटना स्थल में और भी खून के धब्बे दिखाई दिये जिससे प्रतीत होता है कि इस मुठभेड़ में बडी संख्या में अन्य माआवेदियों के घायल अथवा मारे जाने की संभावना है।

 परिणामस्वरूप, महाराष्ट्र  और बस्तर के 1 डीकेएसजेडसीएम  रूपेश उर्फ कोलू उर्फ शांभा गोसाई मण्डावी जो कंपनी नंबर 10 का प्रभारी था इनामी 25 लाख  एव  डीव्हीसीएम जगदीश उर्फ रमेश उर्फ सुखलाल टेकाम इनामी 08 लाख एव  सरिता उर्फ बसंती  पद पी.पी.सी.एम.  कंपनी नंबर 10 के  08  लाख ईनामी सहित 03  हार्ड कोर  नक्सली मारे गए।  जिनमे मुख्य रूप से डीकेएसजेडसी रूपेश उर्फ कोलू उर्फ शांभा गोसाई पर 66 आपराधिक मामले दर्ज हैं तथा डीव्हीसीएम जगदीश उर्फ रमेश उर्फ सुखलाल पर 43  आपराधिक मामले गढ़चिरौली जिले में दर्ज होने की पुष्टि की गई। ऑपरेशन में मारा गया SZCM रुपेश उर्फ़ कोलू पूर्व के कई नक्सल पुलिस मुठभेड़ में शामिल रहा है। जुलाई 2009 में हुए मदनवाड़ा एनकाउंटर में भी रुपेश कंपनी नंबर 4 के सेक्शन कमांडर के बतौर शामिल था जिसमे एसपी विनोद चौबे समेत 29 जवान शहीद हुए थे।    

 मारे गये नक्सलियों के नाम व पद 

(1) नाम- रूपेश उर्फ कोलू उर्फ शांभा गोसाई पद- डीकेएसजेडसी पता- देवलीपेठा थाना लहेरी जिला गढ़चिरौली महाराष्ट्र ईनामी- 25 लाख।

(2) नाम- जगदीश उर्फ रमेश उर्फ सुखलाल पद- डीव्हीसीएम, पता- चिलकोना थाना लांजी बालाघाट   (म.प्र.) ईनामी- 08 लाख। 

(3) नाम-सरिता उर्फ बसंती पद पी.पी.सी.एम. कंपनी नंबर 10  पता ग्राम मिसपी, थाना परतापुर, जिला कांकेर छ.ग. ईनामी 08  लाख । 

पुलिस अधीक्षक नारायणपुर प्रभात कुमार द्वारा बताया गया कि- अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके।  हम उन सभी मूलवासियों जो बाहरी विचारधारा और बाहर के नक्सली नेताओं के गलत प्रभाव में फंस गये हैं उनसे अपील करते हैं कि वे नक्सलवाद एवं नक्सली विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति को अपनाकर समाज के मुख्य धारा से जुड़े और हथियार और नक्सलवादी विचारधारा का पूर्णतः त्याग व विरोध करें।

माड़ नक्सलवाद हिंसा व भय से ग्रस्त है लेकिन अब यहां के मूलवासी एवं ग्रामीण हिंसा, भय एवं नक्सलवाद से मुक्त माड़ की कल्पना कर रहे हैं। नक्सल विरोधी सफल अभियानों से विकास को गति तथा आदिवासी एवं ग्रामीणों को विचारों की अभिव्यक्ति मिल रही है।

 ‘‘माड़ बचावों अभियान’’ को सुरक्षा बलों के द्वारा मानसून में भी क्षेत्र के भौगोलिक विकट परिस्थितियों से निपटते हुए अदम्य साहस एवं बहादूरी का परिचय देते हुए माओवादियों से मुकाबला कर नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ अभियान’’ को सफल अभियान बनाया गया। निःसंदेह सुरक्षा बलो का माओवादियों के विरूद्ध कड़ा प्रहार है। 

पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज  सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि- वर्ष 2024 में माओवादियों संगठन के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षा बल द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई। विगत 09 महिने में DKSZC जोगन्ना जिला पेदापल्ली, तेलंगाना राज्य, DKSZC रंधेर जिला वारंगल राज्य तेलंगाना, DKSZC रूपेश जिला गढ़चिरौली महाराष्ट्र राज्य, TSC मेम्बर CRC 02 कमाण्डर सागर जिला भूपलपल्ली तेलंगाना राज्य, DVCM शंकर राव जिला भूपलपल्ली तेलंगाना राज्य, DVCM विनस जिला वारंगल तेलंगाना राज्य, DVCM जगदीश जिला बालाघाट म.प्र . राज्य, ACM संगीता उर्फ सन्नी जिला गढ़चिरौली महाराष्ट्र राज्य, ACM लक्ष्मी जिला मलकानगिरी उड़िसा राज्य, ACM रजीता जिला वारंगल तेलंगाना राज्य जैसे बाहर राज्य के सीनियर माओवादी कैडर को सुरक्षा बल द्वारा विभिन्न् मुठभेड़ ढेर किया गया।  

पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री प्रभात कुमार द्वारा बताया गया कि-  वर्ष 2024 में जिला नारायणपुर में संचालित नक्सल विरोधी अभियान में अब तक कुल 37 माओवादी  मारे गये, 29 गिरफ्तार एवं 14 माओवादी द्वारा आत्मसमर्पण किया गया।

गढ़चिरौली कैडर के टॉप फार्मेशन का लगभग सफाया किया जा चूका है सबसे पहले 1 SZCM जोगन्नाऔर कंपनी नंबर 10 के कमांडर मल्लेश को मार गिराया गया था अब एक और SZCM और कंपनी नंबर 10 के इंचार्ज को मार गिराया गया है इन सबके चलते डर की वजह से  एक अन्य SZCM गिरधर ने गढ़चिरौली में सरेंडर कर दिया है अब उक्त क्षेत्र एक SZCM और कुछ गिने चुने DVCM ही बचे हैं 
   
उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर के0 एल0 ध्रुव द्वारा बताया गया कि- इस ऑपरेशन के उपरांत नक्सलियों के गढ़ रहे माड़ डिवीजन के माओवादियों में भय का माहौल व्याप्त है। क्षेत्र को नक्सली शीर्ष नेतृत्व अपना सुरक्षित ठिकाना मानते है।  नक्सली नेतृत्व इस ऑपरेशन उपरांत ग्रामीणों एवं अपने निचले कैडर को दोषारोपण कर रहे हैं। सुरक्षा बलों का नक्सलियों के अटैकिंग फोर्स के स्तम्भ के ऊपर कड़ा प्रहार है। 

पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि-  प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के उद्देश्य से स्थानीय जिला पुलिस बल, डीआरजी तथा केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा आपसी बेहतर तालमेल एवं रणनीति के साथ काम करने के परिणाम स्वरूप वर्ष 2024 में बस्तर संभाग अंतर्गत की जा रही नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अब तक कुल 157 नक्सलियों के शव बरामद, 663 गिरफ्तार एवं 556 नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है।