चिक बड़ईक जाति को अनुसूचित जाति में रखने की मांग तेज

चिक बड़ईक जाति को अनुसूचित जाति में रखने की मांग तेज

सुंदरगढ़ जिला के हाथीबाड़ी पुरनापानी मैदान में बड़ईक समाज का बंधु मिलन कार्यक्रम धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में भागिदारी करने के लिए आसाम, बंगाल, झारखंड एवं दिल्ली से पहुंचे बडईक़ समाज के अध्यक्ष और देश के विभिन्न अंचलों से आए समाज के लोग। 

सुंदरगढ़ जिला के हथिबाड़ी पूरनापानी मैदान में बड़ाईक समाज का बंधु मिलान कार्यक्रम में भारी संख्या में बड़ाईक समाज के महिला एवं पुरुषों ने भाग लेकर अपने समाज के विभिन्न राज्यों से पहुंचे बड़ाईक समाज के अध्यक्षों की संबोधन को सुना। सभी ने अपने समाज में एकता बनाने एवं आज के समयानुसार शिक्षा पर जोर देते हुए अनेक तरह की चर्चा की जिससे बड़ाईक समाज का विकास हो सकें वही समाज के लोगो को अपनी जाति प्रमाणपत्र बनवाने की परिक्रिया समझाइ गई।

ओडिशा में  बड़ईक जाति को पहले से दो वर्गों में बांट दिया गया है, जिसमें एक वर्ग को चिक समुदाय में और दूसरा वर्ग को बड़ाईक समुदाय में रखा गया। लेकिन दोनो समुदायों का जाति एक है जिसको लेकर सरकार को अवगत कराने हेतु मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे ओडिशा के श्रम मंत्री शारदा प्रसाद नायक को बड़ाईक समुदाय के अध्यक्ष ने प्रतिलिपि सौपीं और सरकार से दोनों समुदाय को अनुसूचित जाति  (SC) कैटेगरी में रखने की मांग रखी गई।

वहीं अखिल भारतीय बड़ाईक  समाज के अध्यक्ष अजीत कुमार बडईक़,बंगाल राज्य के अध्यक्ष राजन बड़ईक , असम के अध्यक्ष प्रांजल बड़ईक, झारखंड से अध्यक्ष उमा बड़ईक, दिल्ली से महिला सचिव बसंती बड़ईक ,संगीता बड़ईक ,चतुर बड़ईक की उपस्थिति में सुंदरगढ़ जिला के बड़ईक समाज के हजारों महिला एवं पुरुषों की उपस्थिति इस सम्मेलन में देखी गई।