गोपबंधु पुस्तकालय में संविधान दिवस मनाया गया

गोपबंधु पुस्तकालय में संविधान दिवस मनाया गया


भारत का 'समानता' का संवैधानिक अधिकार वास्तविक से बहुत दूर है। राउरकेला के छेड़ कालोनी में स्थित गोपबंधु पुस्तकालय द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत का संविधान, जिसे दुनिया के सबसे बड़े संविधान के रूप में मान्यता दी गई है, आज आम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में सफल नहीं हुआ है।

पुस्तकालय के उपाध्यक्ष विभूति भूषण दास की अध्यक्षता में हुई बैठक की अध्यक्षता राउरकेला नगर महाविद्यालय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. माला मोहंती ने मुख्य वक्ता के रूप में की।  उन्होंने अपने वाक्तव्य में स्पष्ट रूप से समझाया।  मुख्य अतिथि भारत भूषण मोहंती (सेवानिवृत्त वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक-राउरकेला इस्पात संयंत्र) ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान में निहित समानता का अधिकार, विशेष रूप से आर्थिक समानता, आज पूरी तरह से विफल हो गया है, उन्होंने अमेरिकी गठबंधन के समर्थन में बात की, लेकिन कहा कि कुछ स्वतंत्रता बनाए रखना संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण था।  कोषाध्यक्ष लक्ष्मणनाथ दास ने अतिथि परिचय के साथ मंच की अध्यक्षता की, जबकि सांस्कृतिक संपादक सुशांत कुमार नायक ने प्रतिभागियों का धन्यवाद अर्पण किया।

इस अवसर पर अवकाश प्राप्त व्याख्याता डॉ. गिरिजा शंकर गोस्वामी, डॉ. अजय कुमार मिश्रा, सुरेंद्र कुमार पांडा, कुंजबिहारी साहू, बिपिन बिहारी पटनायक, शरत चंद्र मोहंती, शक्ति प्रसाद सामंतराय, प्रताप कुमार रे, कैलाश चंद्र सामल, मुरारी प्रधान, राजकुमार मोहंती, स्वप्न कुमार पाणि ने सहायता की। मुख्य समारोह जबकि गोपाल प्रसाद जेना, नारायण चंद्र जेना, राधामोहन नायक, अशोक कुमार पटनायक, पुरुषोत्तम रिउत, चित्त रंजन ब्रह्मा, दलीरानी ब्रह्मा, भूपेन महापात्र, डॉ शंकर प्रसाद त्रिपाठी, नरसिंह चंद्र बिश्वाल, रमाकांत सदांगी, मीन चंद्र राउतराय, मीन चंद्र राउतराय दीपक मोहंती, गजेंद्र साहनी, सबिता पटनायक, अतुल्य कुमार महाखुद, अभय कुमार प्रधान, रबीनारायण सी, हरिहर साहा, भगवान सेनापति आदि उपस्थित थे।