खाली पड़ा मकान बना ड्रग्सीयो का अड्डा

खाली पड़ा मकान बना ड्रग्सीयो का अड्डा

नशा में लोगों द्वारा कानून हाथ में लेने और असामाजिक कृत्य करने या अपराध करने की घटना हमें अक्सर सूनने, देखने को मिलती है, पर नशे की हालत तक पहुंचते कैसे है, नशा करने के लिए पैसा कहाँ से आता है है। आज ऐसे ही एक खबर सामने आयी है। घटना है राउरकेला पुलिस जिला अंतर्गत आनेवाले बंडामुंडा़ थाना क्षेत्र के तिलकानगर बस्ती का जहाँ एक खाली पडे़ मकान को कुछ असामाजिक युवको ने नशा खोरी का अड्डा बना रखा है। वह भी शराब, सिगरेट नहीं हिरोईन और ड्रग्स पीने का अड्डा। 

इस मकान के अंदर का नजारा कुछ ऐसी ही कहानी बयाँ कर रहा है। 
इस बंद पडे़ मकान के अंदर फर्स की साफ सफाई और फर्स पर पडे़ छोटे छोटे सिल्वर पेपर, माचिस की तीलियां, और करीने से बैठने के लिए सजाई गई ईंट इस बात की गवाही दे रहा है, कि यहाँ रोजाना ड्रग्सीयों की महफिल सजती है। सिल्वर पेपर और जले हुए माचिस की तिलियों से पता चलता है कि बड़े पैमाने पर यहाँ ड्रग्स का सेवन होता है। 
आश्चर्य की बात तो यह है कि घनी बस्ती के बीच स्थित इस बंद मकान के पीछे युवको ने पहले चोरी छिपे सुरंग बनाई ओर फिर रोजाना यहाँ ड्रग्स का सेवन करते है। लेकिन इन युवको को रोकने टोकने वाला कोई नहीं। ऐसा क्यों?
क्या किसी ने इन युवको के गलत हरकत को रोकने की पहल नहीं की या रोकना नहीं चाहते। और सब जानकर भी अनजान बने है। 
मकान के आगे राज्य सरकार का विज्ञापन छपा है। दरवाजे पर दो दो ताला लगी है और पीछे की दीवार पर तरासी हुई तरीके से एक छोटी सी छेद बनाई गई है जिसमें से नशा करने वाले युवक इस बंद पडे़ मकान में प्रवेश करते है। यह मकान बण्डामुण्डा थाना क्षेत्र में आनेवाले तिलकानगर के सी ब्लाक में स्थित है। 
बण्डामुण्डा थाना क्षेत्र में बंद पडे़ मकान में नशा खोरी करने की यह पहली घटना नहीं है। सेक्टर बी के लाल स्कूल, व अलग अलग कई स्थानों के बंद पडे़ मकान को नशाखोरी का अड्डा बनाया जा चुका है। 
रोजाना हजारों रुपये खर्च कर ड्रग्स का सेवन करने वाले इन युवको के पास इतना पैसा कहाँ से आ रहा है। 
ओडिशा के विभिन्न जिलों से अक्सर यह खबर आती रहती है कि नशा के आदी युवको में चोरी की प्रवृत्ति बढ़ रही है। 
बण्डामुण्डा थाना क्षेत्र में भी साइकल की चोरी, बंद पडे़ मकानो,मंदिरो  में सिलसिलेवार चोरी की घटना सामने आई है।
इन सारी बातों का साराँश निकाला जाए तो यही लगता है कि मंहंगे नशे के आदी हो चुके युवक अपनी नशे की खुराक पूरा करने के लिए चोरी करने जैसी अपराध करने से भी नहीं चूक रहे है।
इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि, शहर से लेकर छोटे छोटे बस्तियों के गलियो तक ड्रग्स कैसे पहुंच रही है। 
आखिर इन असमाजकि कार्यो को रोकने वाला पुलिस विभाग, आबकारी विभाग क्या कर रहा है, यह बहुत बड़ा प्रश्न है।