खदान के लिए एक इंच भी जमीन छोड़ने के लिए तैयार नहीं है ग्रामीण
लामेर अंचल में खादान और खनन को लेकर वन सर्वेक्षण का ग्राम सभा में कड़ा विरोध किया गया।
सुशांत मल्लिक (संवाददाता)
कालाहांडी जिले में स्थित नारला रेंज के लामेर, मनसारा, बेचरण, तरकाबहाली, छदलगुदा, वारबंधा, डुडुकरंजा, जामगुड़ा पिपाड़ी, बक्सणी, प्रभूति वन सर्वेक्षण कार्य में ग्राम सभाओं ने एक इंच भी जंगल नहीं छोड़ने का निर्णय लिया है।
इस बिषय में यह बात प्रकाश में आयी है कि पश्चिम बंगाल की एक निजी संस्था कुछ महिनो से ग्रामसभा के परामर्श के बिना सामुदायिक जंगली क्षेत्र में खदान संबंधित सर्वेक्षण किया जो डीएफओ (उत्तर) परमिट संख्या (सी 278) /19/07/2023) के तहत वन क्षेत्र में खनन से संबंधित सर्वेक्षण करना वन अधिकार अधिनियम का घोर उल्लंघन है।
इसके अलावा, उक्त सर्वेक्षण एजेंसी ने जंगल, पशु आवास, वन उत्पादों को नष्ट करने के अलावा पर्यावरण को नष्ट करने एवं जंगल के विभिन्न हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे बनाने के आरोप में स्थानीय ग्रामसभा द्वारा ओएमईसीएल कंपनी के विरूद्ध सरकार से कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
कंपनी अपने मशीन आदी संसाधनों के साथ ग्रेफाइट जाँच के लिए जंगल में जाते समय स्थानीय जनता द्वारा मशीन को जंगल की ओर जाने से रोका गया।
किसी अव्यवस्था एवं कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए। प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस को मौके पर तैनात की गई थी।
प्रदर्शनकारीयों में करुणा छत्रिय, महासंघ के अध्यक्ष व्यासदेव माझी, संपादक विनोद माझी को पुलिस ने बुधवार की रात सड़क से गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों की गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों में प्रसाशन के प्रति असंतोष व्याप्त है,लोग आंदोलन पर उतर आए है,आंदोलनकारियों की मांग है कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। आंदोलनकारी कंपनी के वाहन के आगे बैठकर दावा कर रहे है कि जब तक गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक कोई बातचीत नहीं हो सकती, लेकिन एक अन्य आदिवासी नेता धन सिंह माझी को पुलिस ने रात में उठा लिया है, जिसका खुलासा करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि अगर मामला ठीक से नहीं सुलझा तो आने वाले दिनों में क्षेत्र के सैकड़ों लोग वोट रद्द करने के लिए संकल्पबद्ध है। मौके पर एसडीपीओ अजय दास केसिंगा, वन पदाधिकारी प्रशांत कुमार पाल, वीडियो रामपुर सब्यसाची बेहरा, आईआईसी सुदर्शन नायक, तहसीलदार सुधाकर रायत, कंपनी अथॉरिटी लिंगराज साहू प्रमुख रूप से उपस्थित थे। घटना का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है।





