कच्ची सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप
सुशांत मल्लिक (संवाददाता)
ओडिशा में कालाहांडी जिला के कार्लामुंडा़ प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले रिषिडा़ ग्राम पंचायत के एक गाँव में बन रही कच्ची सड़क में व्यापक भ्रष्टाचार होने की बात सामने आई है।
इस कच्ची सड़क को लेकर स्थानीय बुद्ध जिवियो ओर पत्रकारों द्वारा प्रश्न उठाए गए तो इस कार्य में सरपंच, अभियंता, ठेकेदार व अन्य अधिकारियों की मिली भगत से व्यापक भ्रष्टाचार होने की बात सामने आई है।
पत्रकारो को संदेह तब हुआ जब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत "कुलिया गाँव से शिलेट मुंडा" तक तकरीबन 100 मीटर लम्बी इस कच्ची सड़क का कार्य मानक तथा सरकारी नियमों के अनुसार नही किया जा रहा था।
सरकारी नियमानुसार गाँव के कच्चे रास्ते या सड़क का कार्य गाँव के ही मजदूरों द्वारा ग्रीष्मऋतु में एक निश्चित लम्बाई और चौड़ाई के अनुसार किया जाता है।
पर इस सड़क निर्माण में सरकारी नियमों की अनदेखी करने के साथ मानक भी पूरे नही किए गए है।
इस सड़क के कार्य में कई त्रुटियाँ पाई गई जैसेः ग्रीष्मऋतु के बजाय वर्षा ऋतु में सड़क का कार्य किया जा रहा है। दिन के बजाय रात्रि के समय कार्य किया जा रहा था। सड़क कही 15 फुट तो कही 7 फुट, तो कही 10 फुट चौडी़ है। अर्थात सड़क की चौड़ाई सामान्य नही है।
अंचल में ऐसी चर्चा है कि जो ठेकेदार यह कार्य करवा रहा है इस सड़क का कार्य उसके नामपर दिया ही नही गया है।
जब इसकी शिकायत स्थानीय लोगों और पत्रकारो द्वारा की गई तो ठेकेदार के इशारे पर शत्रुधन रणा और उसका पुत्र राम रणा ने मिलकर प्रकारों और लोगों के साथ दादागारी पर उतर आए और उनसे अभद्र व्यवहार करने लगे। फलस्वरूप स्थानीय लोगो के साथ पत्रकार समुह ने संयुक्त रूप से उन दोनों के बिरूद्ध थाने में लिखित शिकायत की है।
प्रखंड़ अधिकारी ने स्थानीय पत्रकारों को यह जानकारी दी है कि फिलहाल विवादित कच्ची सड़क का कार्य बंद करा दिया गया है। और मामले की छानबीन की जा रही है। इस पर स्थानीय जनता और पत्रकारों की मांग है कि इसकी जांच सतर्कता विभाग से करवाई जाए।
कुछ स्थानीय पत्रकारो द्वारा इस निम्न दर्जे और भ्रष्टाचार व्याप्त कार्य का सामाचार प्रकाशित किया था, जिसके बाद उन पत्रकारो को गुंडो के जरिए धमकी दी गई। और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस मामले में स्थानीय लोगों एवं पत्रकार संगठनो ने दोषियो पर कार्यवाही की मांग हो रही है।





