ओडिशा में दिखा बिहार का नजारा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई छठ पूजा
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
डूबते सूरज के अर्घ के बाद उगते सूरज का अर्घ के साथ छठ पूजा का समापन ! छठ पूजा पर बिहार का नजारा दिखा ओडिशा के शहरो/गाँवो में।
सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर में बिहार के तरह छठ पूजा पूरे विधि विधान के साथ भारत की आजादी के बाद से मनाया जाता है।आपको बता दें कि राजगांगपुर शहर में डालमिया सीमेंट की कंपनी आजादी के ठीक बाद सीमेंट प्लांट लगाई थी और उसी समय से बिहार के लोग छठ पूजा को बिहार की भांति पूरे विधि विधान के साथ राजगांगपुर शहर में कई घाटों पर हजारों की संख्या में छठ उपासक हर वर्ष छठ पूजा मनाते हैं।
छठपुजा की मान्यताएं
सौभाग्य और आरोग्य का वरदान प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य और छठी मैया की विशेष पूजा से जुड़ा यह पावन पर्व बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड,ओडिशा में बिहार वासियों समेत देश के अन्य हिस्से में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने से पहले महिलाओं ने सनातन परंपरा में भगवान सूर्य और छठी माता के लिए रखे जाने वाले व्रत को बड़े नियम और संयम के साथ रखा जाता है। मान्यता है की जो व्यक्ति इस व्रत को विधि-विधान से रखता है, उसकी सभी मनोकामना छठी मैया जरूर पूरा करती हैं। छठ व्रत में सौभाग्य और आरोग्य का वरदान देने वाले सूर्यदेव को डूबते और उगते समय विशेष रूप से अर्घ्य देने का विधान है। हर साल बड़े पैमाने पर ओडिशा के राजगांगपुर शहर में छठपूजा महापर्व का आयोजन होता रहा है। इस साल भी भव्य रूप से आयोजन किया गया और इस छठपूजा महापर्व में हजारों लोगों ने पूजा कर अपने संस्कृति को निभाया।





