ओडिशा में 26 अक्टूबर से घर घर जाकर होगा मतदाता सर्वेक्षण
सतीश शर्मा (उप संपादक)
भुवनेश्वर, 16 अक्टूबर: ओडिशा राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) वर्ष 2027 में होने वाले पंचायत एवं शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी के लिए 26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक राज्यव्यापी घर-घर मतदाता सर्वेक्षण कराएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि प्रारूप मतदाता सूची 1 जनवरी, 2027 को प्रकाशित की जाएगी। इस सूची पर दावे और आपत्तियों के सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की जाएगी। मतदाताओं को प्रारूप सूची में दर्ज नामों एवं अन्य विवरणों के संबंध में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 20 दिन का समय मिलेगा। पाढ़ी ने कहा कि इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही परिवार के सभी पात्र मतदाताओं के नाम एक ही वार्ड और मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज हों, ताकि मतदान की प्रक्रिया उनके लिए अधिक सुविधाजनक बन सके। सर्वेक्षण के दौरान मृत एवं अन्य स्थानों पर जा चुके मतदाताओं के नाम हटाने, मतदाता सूची से छूट गए पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने तथा परिवारों के विवरण और मतदान केंद्रों के आवंटन में त्रुटियों को सुधारने का काम भी किया जाएगा।
पाढ़ी के अनुसार, राज्य के सभी 30 जिलों में किए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 7.61 प्रतिशत मतदाताओं के नाम मृत्यु या पलायन के बावजूद मतदाता सूची में दर्ज थे। वहीं, लगभग 4.87 प्रतिशत पात्र मतदाताओं के नाम सूची से गायब थे।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची से जुड़ी विसंगतियों को भी दूर किया जाएगा। शहरी इलाकों में कई बार मतदान केंद्रों की भौगोलिक सीमाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं होती हैं। इसके कारण 10 से 12 अलग-अलग मोहल्लों के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र से जोड़ दिया जाता है, जबकि किसी एक मोहल्ले के निवासियों को आठ से 10 अलग-अलग मतदान केंद्रों पर जाकर वोट डालना पड़ता है। आयोग के अनुसार, इस तरह की व्यवस्था शहरी क्षेत्रों में कम मतदान होने का एक कारण रही है।
इस समस्या के समाधान के लिए प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट मकान संख्या आवंटित की जाएगी और उस मकान में रहने वाले सभी मतदाताओं के नाम उससे जोड़े जाएंगे। इसके बाद संबंधित वार्ड और मतदान केंद्र के अनुसार मतदाता सूची में उनके नाम दर्ज किए जाएंगे।
पाढ़ी ने कहा, “इस अभियान का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को सटीक, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना है।” उन्होंने बताया कि आयोग ने राजनीतिक दलों से इस प्रक्रिया में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया है।
राज्यभर में सर्वेक्षण के लिए लगभग 45,200 टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में दो से तीन सदस्य होंगे। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, जल साथी, स्वच्छ साथी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे और उसका सत्यापन करेंगे।
पाढ़ी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नाम शामिल करने या उनमें सुधार के लिए फॉर्म-16, शहरी क्षेत्रों में फॉर्म-III तथा नगर निगम क्षेत्रों में फॉर्म-VII का उपयोग किया जाएगा। इसी तरह, नाम हटाने के लिए आपत्तियां दर्ज कराने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में फॉर्म-17, शहरी क्षेत्रों में फॉर्म-IV तथा नगर निगम क्षेत्रों में फॉर्म-VIII का इस्तेमाल किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों की सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि वर्ष 2027 के स्थानीय निकाय चुनावों से पहले त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके।





