ओडिशा का छठा नगर निगम बना पूरी
सतीश शर्मा (उप संपादक)
भुवनेश्वर, 2 जनवरी : शहरी प्रशासन और आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ओडिशा सरकार ने पुरी को नगरपालिका से उन्नत कर नगर निगम का दर्जा दे दिया है। आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा इस संबंध में बुधवार से प्रभावी अधिसूचना जारी की गई।
अधिसूचना के साथ ही पुरी राज्य का छठा नगर निगम बन गया है। इससे पहले ओडिशा में भुवनेश्वर, कटक, बरहामपुर, संबलपुर और राउरकेला—इन पांच शहरों को नगर निगम का दर्जा प्राप्त था।
देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल पुरी में प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। नगर निगम का दर्जा मिलने से यहां नागरिक सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और शहरी सेवाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 3 जुलाई 2025 को पुरी को नगर निगम बनाने की घोषणा की थी, जिससे स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। इस कदम से पुरी और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है, साथ ही शहर की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर रहेगा।
पुरी के निवासियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे एक समृद्ध और विकसित पवित्र नगरी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। नगर निगम बनने से कचरा प्रबंधन, जल निकासी, सड़क और समग्र शहरी नियोजन से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
इसके साथ ही सरकार ने चार नगरों—लोईसिंगा (बलांगीर), चंडीखोल (जाजपुर), जशीपुर (मयूरभंज) और बस्ता (बालासोर)—को अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी) घोषित किया है। इसके अलावा बरहामपुर नगर निगम के क्षेत्राधिकार का विस्तार भी किया गया है, जिसकी घोषणा पहले स्थानीय स्वशासन दिवस पर की जा चुकी थी।





